नागपुर की तहसील पुलिस ने कथित फिरौती वसूली की साजिश का पर्दाफाश किया।
युवती को शिकायत दर्ज कराने के लिए ₹5 लाख देने का लालच दिए जाने का आरोप।
राजस्थान निवासी इरफान अली को झूठे मामले में फंसाकर ₹3 करोड़ वसूलने की कथित योजना।
मुख्य आरोपी आदित्य सुरेशचंद्र गुप्ता (30) को उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पुणे और दिल्ली में भी इसी तरह के मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है।
Nagpur Police Extortion Conspiracy Aditya Gupta Arrested Agra: नागपुर की तहसील पुलिस ने एक व्यक्ति को कथित रूप से झूठे मामले में फंसाकर 3 करोड़ वसूलने की साजिश का पर्दाफाश किया है। पुलिस के मुताबिक, 19 वर्षीय युवती को शिकायत दर्ज कराने के लिए 5 लाख का लालच दिया गया था। मामले में मुख्य आरोपी आदित्य सुरेशचंद्र गुप्ता को आगरा से गिरफ्तार किया गया है।
नागपुर। किसी व्यक्ति के खिलाफ कथित रूप से झूठा मामला दर्ज कराकर उससे 3 करोड़ वसूलने की साजिश का तहसील पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि शिकायत दर्ज कराने के लिए 19 वर्षीय युवती को 5 लाख देने का लालच दिया गया था। इस मामले में कथित साजिशकर्ता आदित्य सुरेशचंद्र गुप्ता (30) को उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार किया गया है।
डीसीपी जोन-3 राहुल मदने ने मामले की जानकारी दी। पुलिस अब इस कथित साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता युवती मोमिनपुरा परिसर की निवासी है। वह मनोरंजन और शिक्षा से संबंधित रील और वीडियो बनाती है तथा काफी समय से मौका एप्लिकेशन पर सक्रिय थी। इसी ऐप के माध्यम से उसकी पहचान आदित्य गुप्ता से हुई थी।
कुछ दिन पहले युवती की शिकायत पर राजस्थान निवासी इरफान अली सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि इरफान ने खुद को राजनीतिक रसूख वाला व्यक्ति बताते हुए नौकरी दिलाने का लालच दिया और युवती को वर्चुअल सेक्स के लिए प्रेरित किया। कथित तौर पर वीडियो वायरल करने की धमकी देने की बात भी शिकायत में कही गई थी।
मामले की जांच के दौरान तहसील पुलिस ने कथित अश्लील वीडियो से संबंधित सबूत जुटाने के लिए युवती के मोबाइल की जानकारी मांगी और बयान दर्ज करने के लिए उसे थाने बुलाया। इस दौरान आदित्य गुप्ता भी युवती के साथ थाने पहुंचा।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आदित्य युवती से पूछे गए सवालों के जवाब खुद देने लगता था। उसने राजनीतिक और कॉर्पोरेट क्षेत्र में अपनी पहचान होने तथा वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क होने का हवाला देकर जांच को प्रभावित करने की कोशिश की। इससे पुलिस को उस पर संदेह हुआ।
इंस्पेक्टर संजय मेवे के मार्गदर्शन में पीएसआई संदीप भिताले ने युवती से अलग पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, इस दौरान युवती घबरा गई और उसने इरफान अली को पहचानने तथा उससे सोशल मीडिया पर बातचीत होने से इनकार किया। उसने कथित तौर पर बताया कि आदित्य के कहने पर शिकायत दर्ज कराई गई थी।
जांच में पुलिस को पता चला कि आदित्य ने इरफान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए युवती को 5 लाख देने का लालच दिया था। पुलिस के अनुसार, कथित फर्जी सबूतों के आधार पर इरफान को मामले में फंसाकर उससे 3 करोड़ वसूलने की योजना बनाई गई थी।
पुलिस ने आदित्य गुप्ता को आगरा से गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से पुलिस हिरासत में रखने के आदेश दिए गए।
नागपुर पुलिस के अनुसार, जांच में यह जानकारी भी सामने आई है कि आदित्य के खिलाफ पुणे और दिल्ली में इसी प्रकार के मामले दर्ज हैं। तहसील पुलिस कथित साजिश, शिकायत दर्ज कराने में भूमिका और अन्य संभावित कड़ियों की जांच कर रही है।