

दिवाली से पहले औद्योगिक मांग बढ़ने से अलसी और अरंडी तेल की कीमतों में उछाल।
अलसी तेल का भाव एक महीने में ₹2,250 से बढ़कर ₹3,300 प्रति 15 किलो टिन हुआ।
अरंडी तेल ₹2,500 से बढ़कर ₹2,900 प्रति 15 किलो टिन पर पहुंचा।
उत्तर प्रदेश और बिहार में सरसों की बाजार में कम आवक से कीमतों पर दबाव।
सरसों तेल ₹2,550 से बढ़कर ₹2,800 प्रति 15 किलो टिन हुआ, जबकि सोयाबीन तेल ₹2,550 पर स्थिर।
Nagpur Market Linseed Castor Mustard Oil Price: दिवाली से पहले नागपुर के तेल बाजार में अलसी, अरंडी और सरसों तेल की कीमतों में तेजी आई है। पेंट और डिस्टेंपर कंपनियों की बढ़ती मांग के कारण अलसी तेल एक महीने में 1,050 महंगा होकर 3,300 प्रति 15 किलो टिन पर पहुंच गया। अरंडी तेल भी 400 बढ़कर 2,900 प्रति टिन हो गया है।
दिवाली पर्व से पहले तेल बाजार में महंगाई का असर दिखाई देने लगा है। पेंट और डिस्टेंपर बनाने वाली कंपनियों की ओर से अलसी और अरंडी तेल की मांग बढ़ने से इनके दाम में उल्लेखनीय उछाल आया है। औद्योगिक क्षेत्र की बड़ी खरीदारी के कारण थोक बाजार में कीमतें लगातार मजबूत हो रही हैं। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश और बिहार में किसानों द्वारा सरसों की फसल बाजार में नहीं बेचने से सरसों तेल के भाव में भी तेजी बनी हुई है।
तेल व्यापारी अनिल अग्रवाल के अनुसार, पेंट और डिस्टेंपर उद्योग में अलसी तेल की खपत बढ़ने से इसकी कीमतों में बड़ा उछाल आया है। करीब एक महीने पहले अलसी यानी जवस का तेल 2,250 प्रति 15 किलो टिन बिक रहा था। अब इसका भाव बढ़कर 3,300 प्रति टिन तक पहुंच गया है।
इस तरह एक महीने में अलसी तेल की कीमत में 1,050 प्रति टिन की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिवाली के दौरान दीपक जलाने के लिए भी अलसी तेल की मांग निकल रही है। औद्योगिक खपत के साथ त्योहार में बढ़ी अतिरिक्त मांग को भी कीमतों में तेजी की वजह माना जा रहा है।
अलसी तेल के साथ अरंडी तेल की कीमतों में भी तेजी आई है। पेंट और डिस्टेंपर बनाने वाली कंपनियां दोनों तेलों की खरीदारी बढ़ा रही हैं।
करीब एक महीने पहले अरंडी तेल का भाव 2,500 प्रति 15 किलो टिन था, जो अब बढ़कर 2,900 तक पहुंच गया है। इस अवधि में इसकी कीमत में 400 प्रति टिन की वृद्धि हुई है। औद्योगिक मांग बढ़ने से बाजार में अरंडी तेल के भाव मजबूत बने हुए हैं।
अलसी और अरंडी तेल के अलावा सरसों तेल की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बाजार में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश और बिहार में किसानों द्वारा सरसों की फसल बाजार में नहीं बेचने से उपलब्धता पर दबाव बना हुआ है।
करीब एक महीने पहले सरसों तेल 2,550 प्रति 15 किलो टिन बिक रहा था। अब इसका भाव बढ़कर 2,800 प्रति टिन पर पहुंच गया है। वहीं, सोयाबीन तेल की कीमत 2,550 प्रति 15 किलो टिन पर बनी हुई है।
नागपुर त्योहार के मौसम में तेलों की कीमतों में तेजी से कारोबारियों के साथ उपभोक्ताओं पर भी महंगाई का असर पड़ रहा है। अलसी और अरंडी तेल की बढ़ती औद्योगिक मांग तथा सरसों तेल की उपलब्धता पर दबाव के चलते बाजार में कीमतों की तेजी चर्चा का विषय बनी हुई है।