

मोमिनपुरा की बड़ी जामा मस्जिद की चुनाव प्रक्रिया पर उठे सवाल।
मूल स्कीम के अनुसार मतदाता सूची तैयार नहीं करने का आरोप।
महाराष्ट्र राज्य वक्फ मंडल के समक्ष कई आपत्तियां और आवेदन पेश किए गए।
आपत्तियों पर निर्णय नहीं होने के बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा।
23 अक्टूबर को सुनवाई के बाद प्रतिवादियों को नोटिस, अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को।
Nagpur High Court Mominpura Badi Jama Masjid Election Dispute: नागपुर. मोमिनपुरा स्थित बड़ी जामा मस्जिद की चुनाव प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। चुनाव से पहले निर्धारित प्रावधानों के अनुसार मतदाता सूची तैयार नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए मामला अब बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ पहुंच गया है। आरोप है कि मस्जिद की मूल स्कीम में मतदाता सूची तैयार करने का प्रावधान होने के बावजूद पुरानी सूची के आधार पर चुनाव कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
मस्जिद की चुनाव प्रक्रिया को लेकर शिकायतकर्ताओं ने मूल स्कीम के प्रावधानों का पालन नहीं किए जाने पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि चुनाव कराने से पहले पात्र मतदाताओं की सूची तैयार करना आवश्यक है। इसके बावजूद नई मतदाता सूची तैयार किए बिना पुरानी सूची के आधार पर चुनाव कराने का आरोप लगाया गया है।
इस मामले में महाराष्ट्र राज्य वक्फ मंडल के समक्ष कई आपत्तियां और आवेदन प्रस्तुत किए गए थे। हालांकि, इन पर निर्णय नहीं होने के कारण आवेदकों ने हाईकोर्ट का रुख किया। आवेदकों के अनुसार, यदि संबंधित कमेटी मतदाता सूची तैयार नहीं करती है, तो मूल स्कीम में निर्धारित अधिकारों के तहत सक्षम प्राधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
इन प्रावधानों के अनुसार, संबंधित सहायक निदेशक, सहायक चैरिटी आयुक्त के अधिकारों के उत्तराधिकारी प्राधिकारी अथवा वक्फ मंडल द्वारा अधिकृत अधिकारी की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
23 अक्टूबर को न्यायमूर्ति अनिल एस. किलोर और न्यायमूर्ति रजनीश आर. व्यास की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। न्यायालय के आदेश के अनुसार, प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए गए हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।
इस प्रकरण में महाराष्ट्र राज्य वक्फ मंडल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला वक्फ अधिकारी, नागपुर तथा मोमिनपुरा स्थित बड़ी जामा मस्जिद के चुनाव अधिकारी को प्रतिवादी बनाया गया है। अब मामले में आगे होने वाली सुनवाई और न्यायालय के निर्देशों पर नजर रहेगी