

छत्रपति संभाजीनगर के रोशनगेट क्षेत्र की खुली जमीन के स्वामित्व को लेकर विवाद।
जमीन के समतलीकरण पर वक्फ बोर्ड ने जताई आपत्ति।
मनपा आयुक्त अमोल येड़गे ने स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों की जांच के निर्देश दिए।
न्यायालय के निर्देश पर विभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित।
जांच के बाद उपलब्ध अभिलेख वक्फ बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे।
Chhatrapati Sambhajinagar Roshan Gate land dispute Waqf Board: छत्रपति संभाजीनगर के रोशनगेट क्षेत्र की खुली जमीन के स्वामित्व को लेकर मनपा और वक्फ बोर्ड के बीच विवाद सामने आया है। जमीन के समतलीकरण पर वक्फ बोर्ड की आपत्ति के बाद मनपा प्रशासन स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों और अभिलेखों की जांच करेगा। आयुक्त अमोल येड़गे के अनुसार, जांच के बाद उपलब्ध दस्तावेज वक्फ बोर्ड के समक्ष रखे जाएंगे।
छत्रपति संभाजीनगर शहर के रोशनगेट क्षेत्र की खुली जमीन के स्वामित्व को लेकर महानगरपालिका और वक्फ बोर्ड के बीच विवाद गहरा गया है। जमीन के समतलीकरण पर वक्फ बोर्ड की आपत्ति के बाद अब मनपा प्रशासन स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों और उपलब्ध अभिलेखों की जांच करेगा। मनपा आयुक्त अमोल येड़गे ने स्पष्ट किया है कि जांच के बाद संबंधित दस्तावेज वक्फ बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे।
रोशनगेट क्षेत्र में महानगरपालिका ने एक खुली जमीन पर सफाई कराने के बाद समतलीकरण का काम कराया था। इस कार्रवाई पर वक्फ बोर्ड ने आपत्ति जताते हुए जमीन के स्वामित्व का मुद्दा उठाया। इसके बाद मनपा प्रशासन ने संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की तैयारी शुरू की है।
विवाद के समाधान के लिए जमीन के स्वामित्व, उपलब्ध सरकारी अभिलेखों और समतलीकरण की कार्रवाई से जुड़े पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मामले की समीक्षा के लिए न्यायालय के निर्देश पर विभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। समिति के समक्ष जमीन के स्वामित्व और उपलब्ध अभिलेखों के साथ समतलीकरण की कार्रवाई से जुड़े तथ्यों को रखा जाएगा।
समिति की समीक्षा और दस्तावेजों की जांच के बाद ही मामले से संबंधित स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
महानगरपालिका के मुख्य कार्यकारी अधिकारी फैजान खान ने आयुक्त को लिखे पत्र में बताया कि वक्फ मंडल के अभिलेखों में गट क्रमांक 10 के अंतर्गत रोशनगेट क्षेत्र के जसवंतसिंगपुरा की जमीन दर्ज है।
पत्र के अनुसार, संबंधित स्थान पर बड़ी मात्रा में कचरा जमा था। इसके चलते मनपा ने सफाई कराकर जमीन का समतलीकरण कराया था। हालांकि, इस कार्रवाई पर वक्फ बोर्ड की आपत्ति के बाद जमीन के स्वामित्व और प्रशासनिक कार्रवाई से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
आयुक्त अमोल येड़गे के अनुसार, मनपा उपलब्ध अभिलेखों और स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों की पड़ताल करेगी। इसके बाद संबंधित दस्तावेज वक्फ बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे।
अब इस मामले में दस्तावेजों की जांच और समिति की समीक्षा के बाद ही जमीन के स्वामित्व से जुड़े विवाद पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।