Nagpur MLA House Theft: महाराष्ट्र के नागपुर में सुरक्षा व्यवस्था और बैंकिंग सुरक्षा प्रणाली को गंभीर चुनौती देने वाली एक बेहद चौंकाने वाली आपराधिक घटना सामने आई है। नागपुर के उमरेड विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक संजय मेश्राम के बोरगांव स्थित पर्ल हेरिटेज सिटी परिसर के बंगला नंबर 15 में दिन-दहाड़े चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया।
शातिर चोर विधायक के सूने बंगले में दाखिल होकर वहां रखी 75,000 की नकदी और विधायक के हस्ताक्षर की हुई चेकबुक चुराकर रफूचक्कर हो गया। इसके बाद आरोपी ने जाली पहचान पत्र का इस्तेमाल कर बैंक को भी चूना लगा दिया, जिससे क्षेत्र के वीआईपी सुरक्षा तंत्र पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना सुबह करीब 11:00 बजे घटित हुई। विधायक के घर से नकदी और हस्ताक्षरित चेकबुक चोरी करने के बाद 30 वर्षीय मुख्य आरोपी तनमय गनवीर सीधे संबंधित बैंक शाखा में पहुंच गया। वहां उसने सुरक्षा मानकों को दरकिनार करते हुए चेहरे पर मास्क पहन रखा था।
आरोपी ने बैंक कर्मचारियों को गुमराह करने के लिए एक फर्जी पहचान पत्र दिखाया और चोरी के चेक के माध्यम से खाते से लगभग ढाई लाख रुपए की मोटी रकम निकालने में कामयाबी हासिल कर ली। बैंक कर्मियों द्वारा पहचान का सही तरीके से सत्यापन न किए जाने के कारण अब बैंक की आंतरिक कार्यप्रणाली और लापरवाही भी जांच के दायरे में आ गई है।
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चोरी की भनक लगते ही हुडकेश्वर पुलिस को इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल तकनीकी टीम की मदद से जांच शुरू की। इसी बीच, ढाई लाख रुपये आसानी से हाथ लगने के बाद आरोपी तनमय के मन में और अधिक पैसे निकालने का लालच आ गया।
वह उसी दिन दोबारा उसी बैंक शाखा में 50,000 की अतिरिक्त नकदी निकालने के लिए पहुंच गया। हालांकि, तब तक हुडकेश्वर पुलिस बैंक अधिकारियों के संपर्क में थी और चारों तरफ सादे कपड़ों में जाल बिछा चुकी थी। जैसे ही आरोपी ने दूसरा चेक काउंटर पर प्रस्तुत किया, पुलिस ने उसे घेराबंदी करके रंगे-हाथों गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस कस्टडी में हुई कड़ाई से पूछताछ के दौरान आरोपी तनमय ने अपना जुर्म पूरी तरह से कबूल कर लिया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पहले से ही चोरी के 2 अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह घातक एमडी ड्रग्स के नशे का आदी है और इस लत को पूरा करने के लिए उसने अपनी खुद की मोटरसाइकिल भी गिरवी रख दी थी। पैसों की अत्यधिक तंगी के कारण ही उसने विधायक के बंगले को निशाना बनाया। इस वारदात में उसके साथ एक अन्य साथी भी शामिल था, जो वर्तमान में फरार है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।