अंबाझरी तालाब में पानी से अधिक जलपर्णी (सौजन्य-नवभारत) 
नागपुर

नागपुर प्रशासन की बड़ी लापरवाही! अंबाझरी में ऑक्सीजन खत्म, तड़प रहा जलीय जीवन; क्या जागेगी NMC?

Ambazari Lake Nagpur Pollution: नागपुर का अंबाझरी तालाब जलपर्णी की गिरफ्त में! पानी से ज्यादा कचरा और जलीय जीवन पर संकट। मच्छरों के प्रकोप और प्रशासन की चुप्पी पर स्थानीय नागरिकों में गुस्सा।

प्रिया जैस

Nagpur Municipal Corporation Lake Cleaning: नागपुर शहर के प्रमुख जलाशयों में से एक अंबाझरी तालाब इस समय जलपर्णी से पूरी तरह ढंक चुका है। तालाब में पानी से अधिक जलपर्णी देखी जा सकती है। इसकी सफाई की अनदेखी की जा रही है जिससे न केवल तालाब की सुंदरता प्रभावित हो रही है बल्कि जलीय जीवन पर भी असर पड़ रहा है।

स्थानीय लोग और पर्यावरणविद इसे गंभीर समस्या मानते हुए अधिकारियों से कार्यवाही की मांग कर रहे हैं। तालाब में जलपर्णी के कारण पानी की गुणवत्ता पर भी बुरा असर पड़ा है। तालाब में जमा हुई जलपर्णी से मच्छरों और कीटों का प्रकोप बढ़ गया है जिससे खतरनाक बीमारियों के फैलने का खतरा उत्पन्न बढ़ गया है। स्थानीय निवासी और पर्यावरण संगठन इस समस्या को लेकर चिंतित हैं।

उनका कहना है कि अंबाझरी तालाब न केवल पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि यह शहर के जल आपूर्ति का भी एक प्रमुख स्रोत है लेकिन इसकी सफाई में हो रही लापरवाही के कारण इस जलाशय का अस्तित्व संकट में पड़ सकता है। सूत्रों का कहना है कि सफाई के लिए बजट और संसाधनों की कमी है लेकिन स्थानीय लोग और विशेषज्ञ इस तर्क को नकारते हुए कहते हैं कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो पर्यावरणीय संकट पैदा हो सकता है।

प्रशासन के एक्शन का इंतजार

अंबाझरी तालाब की सफाई के लिए कोई ठोस कदम न उठाए जाने के कारण अब यह जलाशय गंदगी और जलपर्णी से भरता जा रहा है। प्रशासन की ओर से इसे लेकर अब तक कोई विशेष प्रयास नहीं किए गए हैं, जबकि इस मुद्दे को लेकर नागरिकों में गुस्सा और निराशा बढ़ती जा रही है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन कब और किस प्रकार से इस पर कार्यवाही करता है। तालाब का पुनरुद्धार पर्यावरणीय दृष्टि से बेहद जरूरी है, ताकि इसका जल स्तर संतुलित रहे।

जलपर्णी से होने वाले दुष्परिणाम

जलपर्णी पानी की सतह को पूरी तरह ढंक लेती है जिससे ऑक्सीजन का आदान-प्रदान रुक जाता है। पानी के अंदर के पौधे प्रकाश संश्लेषण नहीं कर पाते और मर जाते हैं जिससे पानी की गुणवत्ता और खराब हो जाती है। जलकुंभी प्रदूषित पानी में बहुत तेजी से बढ़ती है और नाइट्रोजन व फास्फोरस का अवशोषण करती है।

इस कारण पानी और अधिक दूषित हो जाता है। यह तालाबों और नहरों में जमा होकर पानी के प्रवाह को रोक देती है। जलपर्णी की घनी परतें मच्छरों और अन्य कीटाणुओं के लिए प्रजनन स्थल बन जाती हैं जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

NEET में 570 अंक फिर भी नहीं मिली सीट तो बदली राह, 21 की उम्र में शुभांगी ने क्रैक कीं 5 सरकारी नौकरियां

आज की ताजा खबर 16 अगस्त LIVE: वाराणसी एयरपोर्ट पर चली गोलियां; बंगाल में आशीष बनर्जी ने की आत्महत्या

BSP के ब्राह्मण चेहरे हुए बेगाने, 2027 में मायावती कैसे साधेंगी दलित-ब्राह्मण समीकरण?

हसीना को सौंपो, तभी आएंगे भारत! तारिक रहमान के भारत दौरे पर बांग्लादेश ने रखी शर्त, अगले महीने BRICS की बैठक

Africa Delivery Apps: अफ्रीका के होम डिलीवरी ऐप्स IND के स्टार्टअप्स से सीख सकते हैं डिलीवरी का तरीका: रिपोर्ट