प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI) 
नागपुर

नागपुर पेपर लीक कांड: कोचिंग संचालक समेत 2 और गिरफ्तार, अब स्कूल मैनेजमेंट पर भी गिरफ्तारी की तलवार

Maharashtra Board Paper Leak: नागपुर के सेंट उर्सुला स्कूल पेपर लीक मामले में पुलिस ने एक्सीलेंट अकादमी के संचालक समेत दो और आरोपियों को दबोचा। व्हाट्सएप के जरिए परीक्षा से पहले ही पेपर बेचे गए थे।

आकाश मसने

Nagpur 12th Board Exam Paper Leak Case: नागपुर के सेंट उर्सुला गर्ल्स हाईस्कूल से सामने आए 12वीं कक्षा के पेपर लीक प्रकरण में सदर पुलिस ने 2 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पहले ही 2 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में पता चला कि कोचिंग सेंटर चलाने वाले शिक्षक और उसके साथी ने भौतिकशास्त्र और रसायनशास्त्र का पेपर वाट्सएप पर शेयर किया था जिसके बाद दोनों ही प्रश्नपत्रिका अलग-अलग ग्रुप में फॉरवर्ड की गईं। ज्ञात हो कि सदर पुलिस ने विगत 19 फरवरी को जिला परिषद के शिक्षाधिकारी अनिल दहिफले की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

व्हाट्सएप के जरिए परीक्षा से पहले ही पेपर बेचे गए

यह मामला तब प्रकाश में आया जब परीक्षा केंद्र में 1 छात्रा की गतिविधि संदेहास्पद पाई गईं। प्रकरण की जांच के दौरान पता चला कि टेक-1 नामक वाट्सएप ग्रुप से प्रश्नपत्रिका फारवर्ड की गई थी। जांच में मानकापुर निवासी निशिकांत सुखदेव मूल और ऑटोमोटिव चौक निवासी फरहान अख्तर फहीम अख्तर की भूमिका सामने आई और दोनों को गिरफ्तार किया गया। न्यायालय ने दोनों आरोपियों को 26 फरवरी तक नागपुर पुलिस हिरासत में रखने के आदेश दिए हैं।

नागपुर पुलिस ने पेपर लीक मामले की जांच के दौरान फारवर्ड और बैकवर्ड लिंक खंगाली तो पता चला कि मोमिनपुरा स्थित एक्सीलेंट अकादमी के एक छात्र ने पेपर फारवर्ड किया था जिसके बाद पुलिस ने एक्सीलेंट अकादमी के संचालक मुस्तफा खान और उसके सहयोगी जुनैद मोहम्मद अब्दुल जावेद को हिरासत में लिया। एक्सीलेंट कोचिंग के विद्यार्थियों द्वारा ही टेक-1 नामक वाट्सएप ग्रुप तैयार किया था। परीक्षा शुरू होने के 1 घंटे पहले ही एक्सीलेंट अकादमी को फिजिक्स और केमेस्ट्री के पेपर मिल गए थे। ये पेपर उन्हीं विद्यार्थियों के ग्रुप में फारवर्ड किए गए जिनके साथ बड़ा आर्थिक लेन-देन हुआ था। पुलिस ने मुस्तफा और जुनैद को भी न्यायालय में पेश कर पुलिस हिरासत हासिल की है।

स्कूल के पदाधिकारियों पर भी गिरेगी गाज

सबसे बड़ा सवाल यह है कि परीक्षा शुरू होने से पहले कोचिंग संचालक के पास प्रश्नपत्रिका पहुंची कैसे? बताया जाता है कि मुस्तफा के एक स्कूल के मुख्याध्यापक के साथ करीबी संबंध हैं। उससे सेटिंग करके मुस्तफा ने पेपर हासिल किए। परीक्षा शुरू होने के पहले प्रश्नपत्रिका वाट्सएप ग्रुप पर शेयर की गई, जबकि क्लास में ही पढ़ने वाले एक विद्यार्थी ने प्रश्नों के उत्तर वाट्सएप ग्रुप में शेयर किए जिसकी बदौलत छात्रों ने पेपर की तैयारी की। इस मामले में स्कूल संचालक और मुख्याध्यापक की भूमिका भी सामने आई है। जल्द ही प्रकरण में उनकी गिरफ्तारी हो सकती है।

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