अस्पताल में फर्जी डॉक्टर प्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI
नागपुर

फर्जी डॉक्टरों पर अब शिकंजा, नागपुर मनपा के 662 निजी अस्पतालों की होगी जांच

Nagpur News: नागपुर में 15 दिन बीतने के बाद भी निजी अस्पतालों की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है। मनपा ने अब 662 अस्पतालों, बोगस डॉक्टरों और एक्सपायर्ड दवाओं पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

प्रमोद यादव

Nagpur Private Hospitals Inspection: नागपुर में निजी अस्पतालों की जांच को लेकर भले ही मनपा प्रशासन की ओर से कई बड़े दावे किए जा रहे हों लेकिन जमीनी स्तर पर इसका कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। यहां तक कि जांच शुरू होने के प्रशासन के दावे के 15 दिनों बाद भी स्वास्थ्य समिति अब सघन जांच होने की जानकारी ही उजागर कर रही है

जबकि अब तक कितने अस्पतालों की जांच की गई, कितने अस्पतालों में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, इसका खुलासा होना था। बहरहाल अब फिर एक बार समिति की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होने की चेतावनी दी गई।

एक्सपायर्ड दवाएं

जिम्मेदार होंगे अधिकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर सभापति ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मनपा के किसी भी स्वास्थ्य केंद्र में समय सीमा समाप्त दवाएं पाई जाती हैं।इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित जोनल चिकित्सा अधिकारी और फार्मासिस्ट को जिम्मेदार माना जाएगा और नियमों के अनुसार उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

662 निजी अस्पतालों की जांच के लिए विशेष अभियान

नागपुर महानगरपालिका क्षेत्र में संचालित 662 पंजीकृत निजी अस्पतालों की सघन जांच के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

इस अभियान के तहत अस्पतालों में उपलब्ध बिस्तरों की संख्या, अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था और बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, अस्पताल के दर्शनी भाग में मरीजों के अधिकारों का चार्ट और उपचार शुल्क की दर तालिका प्रदर्शित की गई है या नहीं, इसकी जांच की जाएगी।

सभी निजी अस्पतालों के लिए महाराष्ट्र नर्सिंग होम पंजीकरण अधिनियम और संबंधित नियमों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है।

फर्जी डॉक्टरों पर शिकंजा

नागपुर शहर में अवैध रूप से अभ्यास करने वाले संदिग्ध फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।

सभी जोनल चिकित्सा अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में संदिग्ध बोगस डॉक्टरों की खोज करने, नागरिकों से प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने और विशेष दस्तों के माध्यम से नियमित जांच कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

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