नेहरूनगर जोन का अटका करोड़ों वजट  प्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI
नागपुर

नागपुर मनपा में फाइलों की सुस्ती, नेहरूनगर जोन का अटका करोड़ों वजट, पार्षदों में भारी आक्रोश

Neharunagar Zone Budget Delay: नागपुर मनपा के नेहरूनगर जोन में सभापति की लापरवाही से बजट की बैठक न होने के कारण विकास कार्य ठप पड़े हैं। महापौर के प्रभाग सहित जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है।

प्रमोद यादव

Nagpur NMC Neharunagar Zone Development: नागपुर महानगर पालिका में विकास कार्यों की फाइलें मंजूर न होने के कारण पार्षदों में गहरा असंतोष और गुस्सा है। मनपा मुख्यालय के साथ-साथ जोन सभापति द्वारा भी विकास कार्यों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाए जाने का चित्र नेहरूनगर जोन में देखने को मिल रहा है।

नागपुर महानगर पालिका आयुक्त द्वारा दिए गए जोन के विकास कार्यों के बजट को लेकर सभापति ने अभी तक कोई बैठक नहीं बुलाई जिससे पार्षदों के सामने यह गंभीर संकट खड़ा हो गया है कि वे अपने प्रभागों में छोटे-मोटे मरम्मत कार्य कैसे करवाएं। सबसे अहम बात यह कि इस जोन में खुद महापौर के प्रभाग का भी समावेश है, जिसके कारण उनके सामने भी पेचीदा स्थिति पैदा हो गई है।

महापौर नीता ठाकरे का प्रभाग भी प्रभावित

नागपुर महानगरपालिका में नेहरूनगर जोन के अंतर्गत प्रभाग 26, 27, 30 के साथ-साथ महापौर ठाकरे का प्रभाग 28 भी शामिल है। आयुक्त ने बजट का क्रियान्वयन तो शुरू कर दिया है और प्रत्येक जोन के लिए बजट में 20 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है। नियमानुसार सहायक आयुक्त द्वारा जोनल बजट की फाइल तैयार कर उस पर जोन सभापति के हस्ताक्षर लिए जाते हैं और फिर फाइल को समिति विभाग के पास भेजा जाता है।

उसके बाद बैठक का दिन तय होता है। समिति विभाग द्वारा सभापति से चर्चा करके ही बैठक का दिन निर्धारित किया जाता है। प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद केवल सभापति द्वारा बैठक की तारीख तय न किए जाने के कारण जोन के विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ गए हैं।

अन्य जोनों में 'पत्र' का रोड़ा

नेहरूनगर जोन को छोड़कर अन्य जोनों में बजट से जुड़े विकास कार्यों की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और वार्ड फंड के तहत कार्यों के प्रस्ताव भी तैयार किए जा रहे हैं। हालांकि वहां भी अधिकारियों द्वारा कुछ कार्यों के लिए स्थायी समिति का पत्र मांगा जा रहा है जिससे काम रुक रहे हैं और इस वजह से पार्षदों में मनपा प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी और रोष व्याप्त है।

बुनियादी कार्यों के लिए तरस रही जनता, करोड़ों का फंड अटका

नागपुर महानगरपालिका का एक वरिष्ठ पार्षद ने बताया कि बैठक न होने के कारण जोन के चारों प्रभागों के विकास कार्यों का फंड अटका पड़ा हुआ है। यदि बजट की बैठक समय पर हो जाती तो यह तय हो पाता कि सीवेज जल निकासी प्रणाली, सड़कों की मरम्मत और चैबर के ढक्कनों की खरीदी आदि बुनियादी सुविधाओं पर जोन फंड से कितना खर्च किया जाना है।

इसके अलावा वार्ड फंड के प्रस्ताव भी तैयार किए जाने थे। बैठक न होने से सीवेज लाइन की मरम्मत, सड़कों को ठीक करने और चैबर के ढक्कन खरीदने जैसे रोजमर्रा के काम भी रुके हुए है। ऐसी हालत में आम नागरिकों को भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी उठानी पड़ रही है।

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