Mission Mukti 3 Nagpur: नागपुर को भिक्षा मुक्त और बाल मैत्री शहर बनाने की दिशा में प्रशासन ने एक निर्णायक कदम उठाया है। नागपुर शहर पुलिस, महानगरपालिका (NMC) और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) के संयुक्त तत्वावधान में मिशन मुक्ति 3 अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। इस अभियान के शुरुआती दो दिनों में ही सड़कों पर रहने वाले 78 भिक्षुकों, निराश्रितों और बच्चों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
पुलिस आयुक्त डॉ. रवीन्द्र सिंगल के मार्गदर्शन में शुरू हुए इस अभियान के दूसरे चरण में सक्करदरा और इमामवाड़ा पुलिस की टीमों ने शहर के व्यस्त और संवेदनशील इलाकों जैसे राजा बाक्षा मंदिर, छोटा ताजबाग और बड़ा ताजबाग में सघन तलाशी अभियान चलाया। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य केवल सड़कों से लोगों को हटाना नहीं, बल्कि बढ़ती गर्मी और लू (Heatwave) के खतरे के बीच उन्हें सुरक्षित आश्रय और चिकित्सा सहायता प्रदान करना है।
अभियान के केवल 48 घंटों के भीतर प्रशासन ने सराहनीय आंकड़े दर्ज किए हैं।
रेस्क्यू किए गए लोगों की स्थिति और आवश्यकता के अनुसार उन्हें अलग-अलग केंद्रों में स्थानांतरित किया गया है।
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प्रशासन ने नागपुर शहर के नागरिकों से संवेदनशीलता दिखाने की अपील की है। पुलिस विभाग के अनुसार, सड़कों पर सीधे पैसे देकर भिक्षावृत्ति को बढ़ावा देने के बजाय, लोगों को प्रशासन या बाल संरक्षण तंत्र को सूचित करना चाहिए। इससे जरूरतमंदों को केवल एक वक्त का भोजन नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन और उचित काउंसलिंग मिल सकेगी। रेस्क्यू किए गए बच्चों के परिजनों की तलाश और उनकी शिक्षा सुनिश्चित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।