Nagpur Minor Torture Case: नाबालिग लड़की को घर में बंधक बनाकर उसे सिगरेट से चटके लगाने और बेरहमी से मारपीट करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इतना ही नहीं, घर से बाहर निकलने पर लड़की और उसके भाई को जान से मारने की धमकी दी जाती थी। यशोधरानगर पुलिस ने इस प्रकरण में एक ही परिवार के 5 सदस्यों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।
आरोपियों में नौशाद अली नियाज अली (18), शहिस्ता बेगम (45), नियाज अली (47), शाहरुख अली (23) और रूबी परवीन (18) का समावेश है। झिंगाबाई टाकली निवासी 27 वर्षीय युवक की शिकायत पर कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता है। जनवरी में वह परिवार को बिना बताए घर से निकल गई थी। इसके बाद मानकापुर थाने में उसकी गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया गया था। 2 दिन बाद वह खुद पुलिस थाने पहुंची लेकिन परिवार के साथ घर जाने के लिए तैयार नहीं थी, इसीलिए उसे कलमेश्वर स्थित बाल निरीक्षण गृह में रखा गया था।
7 अगस्त को शिकायतकर्ता के एक दोस्त ने उसे फोन कर बताया कि उसकी बहन नौशाद के घर के आसपास दिखाई दी है। इसके बाद परिवार ने उसकी तलाश शुरू की।
10 अगस्त की शाम करीब 6.30 बजे वह नौशाद के घर के पास मिली। उसके चेहरे पर सूजन और मारपीट के निशान थे, जबकि हाथ-पैरों पर भी चोटें थीं। इसके बाद भाई उसे पुलिस थाने ले गया। पूछताछ में नाबालिग ने पुलिस को बताया कि नौशाद उसे घर में बंद रखता था और सिगरेट से शरीर पर चटके लगाता था।
उसे घर से बाहर निकलने की अनुमति भी नहीं थी। जब उसने घर में मौजूद नौशाद की मां शहिस्ता बेगम, पिता नियाज अली, भाई शाहरुख अली और उसकी पत्नी रूबी परवीन को मारपीट की जानकारी दी तो उन्होंने भी नौशाद का पक्ष लेते हुए उसे ही दोषी ठहराया।
आरोप है कि आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए धमकियां भी दीं। नाबालिग के मुताबिक, परिवार के सदस्य जब घर से बाहर जाते थे तो उसे अंदर बंद कर बाहर से ताला लगा देते थे। पुलिस ने किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच आरंभ की है।