Nagpur MIDC incident: शराब के नशे में चूर रहने वाला एक पिता अपनी ही बेटी की इज्जत पर हाथ डालने लगा। कभी शराब पीकर पूरे परिवार के साथ मारपीट करता था तो कभी बेटी को परेशान करता था। बार-बार उससे नजदीकी बढ़ाने की कोशिश करता था। सोमवार की रात भी ऐसा ही कुछ हुआ।
बेटी को घर पर अकेला पाकर शराबी पिता ने उसके साथ आपत्तिजनक हरकत की। विरोध करने पर गालीगलौज और मारपीट करने लगा। बेटी ने जमकर प्रतिकार किया। वह बार-बार शर्मसार होने से परेशान हो चुकी थी। आखिर उसने घर में ही रखा क्रिकेट बैट उठाकर पिता के सिर पर वार कर दिया।
घाव इतने गहरे लगे कि पिता की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना MIDC थाना क्षेत्र में हुई। मृतक 45 वर्षीय धर्मपाल (नाम बदला हुआ) बताया गया। पुलिस ने 17 वर्षीय प्रीति (नाम बदला हुआ) को हिरासत में ले लिया है। धर्मपाल रोजंदारी पर मजदूरी करता था लेकिन जो रकम मिलती थी उसे शराब में उड़ा देता था।
लाचार होकर पत्नी सीमा (नाम बदला हुआ) लोगों के घरों में काम करके अपने परिवार का उदर निर्वाह कर रही थी। प्रीति भामटी के एक कॉलेज में 12वीं कक्षा की छात्रा है, जबकि बेटा दर्श (14) 8वीं कक्षा में पढ़ता है। दोनों की पढ़ाई का खर्च भी सीमा ही चला रही थी।
धर्मपाल रोज शराब पीता था। आए दिन वह नशे में पत्नी और बच्चों के साथ विवाद करता था और उन्हें पीटता था। वह आपत्तिजनक तरीके से प्रीति के करीब जाता और स्पर्श करता था। यह बात बच्ची को समझ आ गई थी। सोमवार की रात भी धर्मपाल नशे में धुत होकर घर लौटा। उस समय सीमा अपने काम पर गई थी।
दर्श भी दोस्तों के साथ घर से बाहर था। प्रीति को घर पर अकेली थी। रात 8.50 बजे के दौरान धर्मपाल घर पहुंचा। उसने प्रीति को अपने पास बुलाया, शराब के नशे में धुत होने के कारण प्रीति ने पास जाने से इनकार कर दिया। वह खुद प्रीति को पकड़कर अपने पास बैठाने लगा, आपत्तिजनक तरीके से स्पर्श करता रहा। प्रीति ने इसका कड़ा विरोध किया।
धर्मपाल ने उस पर थप्पड़ों की बरसात कर दी। दोनों के बीच हाथापायी होने लगी। इसी दौरान प्रीति ने अपने भाई दर्श का क्रिकेट बैट से धर्मपाल पर हमला कर दिया। पहला वार मस्तक पर और दूसरा उसकी खोपड़ी के पिछले हिस्से में लगा। प्रहार इतना जोरदार था कि उसकी खोपड़ी फूट गई और वह वहीं ढेर हो गया।
धर्मपाल की मौत होने से प्रीति घबरा गई, उसने कमरे में फैला सारा खून कपड़ों से पोछने का प्रयास किया,धर्मपाल की मौत शराब के नशे में नीचे गिरने से होने की कहानी भी वह रच चुकी थी। कुछ ही देर में मां सीमा घर लौटी।
उसने मां को पूरी घटना के बारे में बताया, दोनों जेल जाने के डर से भयभीत थी। बेटा वर्ग भी घर लौटा, प्रिीति ने खून साफ तो किया लेकिन किसी की कुछ बताने की हिम्मत नहीं हो रहीं थी।
आखिर रात 12.10 बजे उसने पुलिस को फोन करके घटना की जानकारी दी, खबर मिलते ही डीसीपी एस, ऋषिकेश रेड्डी और इंस्पेक्टर बाबूराव राऊत अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, पंचनामा कर शरा को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
MIDC पुलिस ने प्रीति के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू की। उसने पुलिस को बताया कि पिता बचपन से ही उनके साथ मारपीट करता था लेकिन पिछले 2 वर्षों से वह आपत्तिजनक तरीके से उसे छूता था।
बुरी नजर से देखता था, इसीलिए उसके पास जाने से भी डरती थी। सोमवार रात भी उसने ऐसा ही किया। इस बजह से तंग आकर उसने पिता पर हमला किया। मंगलवार को उसे बाल न्याय मंडल के समक्ष पेश किया गया जहां से उसे अमरावती जिले में लड़कियों के बाल सुधार गृह में भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद धर्मपाल का शव उसके परिजनों को सौंपा गया।