इंदिरा गांधी शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय नवभारत डिज़ाइन फोटो
नागपुर

नागपुर के मेयो अस्पताल में BP की दवा टेल्मिसेव-40 फेल, घटिया गुणवत्ता मिलने पर बिक्री पर लगी रोक

Nagpur Mayo Hospital News: नागपुर के मेयो अस्पताल में बीपी के मरीजों को दी जाने वाली टेल्मिसेव-40 टैबलेट की गुणवत्ता जांच में फेल हो गई है। प्रशासन ने स्टॉक वापस मंगाने के निर्देश दिए हैं।

प्रमोद यादव

Telmisartan Tablet Failed Quality Test: नागपुर के इंदिरा गांधी शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय एवं अस्पताल (मेयो) में एक और दवा की गुणवत्ता को लेकर कार्रवाई की गई है। टेल्मिसेव-40 (टेल्मिसार्टन टैबलेट्स IP-40mg) के एक बैच को सरकारी विश्लेषक ने 'नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी' घोषित किया है।

इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने संबंधित दवा की बिक्री एवं वितरण तत्काल रोकने तथा उपलब्ध पूरा स्टॉक वापस मंगाने के निर्देश जारी किए हैं। कुछ दिन पहले ही शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय एवं अस्पताल में पैरासिटामोल को लेकर इसी तरह की कार्रवाई किए जाने के बाद अब मेयो में टेल्मिसार्टन पर रोक से चर्चाओं का माहौल गर्म हो गया है।

मेयो के मेडिकल स्टोर की ओर से जारी पत्र में टेल्मिसेव-40, बैच नंबर CHPLT416, निर्माण तिथि जुलाई 2025 और समाप्ति तिथि जून 2027 का उल्लेख है। यह दवा क्यूरेजा हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड इंदौर मध्य प्रदेश द्वारा निर्मित है।

पत्र के साथ खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की जांच रिपोर्ट भी संलग्न की गई है। उल्लेखनीय है कि ब्लड प्रेशर के मरीजों को उक्त टैबलेट दी जाती है। कई मरीज नियमित रूप से दवाई का सेवन करते हैं।

2 प्रमुख गुणवत्ता मानकों पर विफल 

नागपुर जिले के इंदिरा गांधी शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय एवं अस्पताल (मेयो) में एक और दवा की गुणवत्ता को लेकर जांच में दवा के नमूने में बाहरी स्वरूप और घुलनशीलता से संबंधित खामियां सामने आई हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, 40 में से लगभग सभी टैबलेट पर सामान्य रोशनी में असमान हल्के भूरे रंग के धब्बे दिखाई दिए। इसके अलावा नमूना डिसॉल्यूशन टेस्ट (घुलनशीलता परीक्षण) की निर्धारित आवश्यकताओं पर भी खरा नहीं उतरा। इन्हीं आधारों पर नमूने को मानक गुणवत्ता का नहीं माना गया है।

तत्काल स्टॉक वापस लेने के निर्देश

अस्पताल (मेयो) में एक और दवा की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद संबंधित उत्पाद की बिक्री और वितरण रोकने तथा वितरित किए जा चुके स्टॉक को तत्काल वापस मंगाने के निर्देश दिए गए हैं।

साथ ही संबंधित पक्ष से दवा की खरीद, वितरण और बिक्री से जुड़े दस्तावेज प्रमाणित प्रतियों के साथ उपलब्ध कराने को कहा गया है। पत्र में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के संबंधित प्रावधानों का भी उल्लेख किया गया है। पत्र जारी होने के बाद वार्डों सहित औषधालय से उक्त दवाइयां वापस की जा रही हैं।

पैरासिटामोल के बाद दूसरी कार्रवाई

कुछ दिन पहले शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय एवं अस्पताल में पैरासिटामोल की गुणवत्ता को लेकर कार्रवाई हुई थी। अब इंदिरा गांधी शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय एवं मेयो अस्पताल में टेल्मिसार्टन के बैच पर रोक लगाए जाने से सरकारी अस्पतालों में दवाओं की गुणवत्ता जांच और आपूर्ति व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

यूसीसी लागू करने के बयान पर चिराग पासवान का रिएक्शन, अमित शाह के बयान पर कहा- ड्राफ्ट सार्वजनिक हो

बिना कागज दिखाए उड़ गए इटली के तीन यात्री, गृह मंत्रालय ने बुलाई बैठक; IB चीफ भी होंगे मौजूद

UPI New Rule 2026: ₹2,000 तक के UPI और RuPay पेमेंट पर नहीं लगेगा कोई चार्ज, सरकार का नोटिफिकेशन जारी

हिंदी दिवस पर SC की नई पहल, जल्द लॉन्च होगा जन सूचना पोर्टल; हिंदी ऑडियो और वीडियो के जरिए जान सकेंगे फैसला

Weather Alert: राजस्थान-बिहार से यूपी तक आंधी का अलर्ट, दिल्ली में तेज बारिश के आसार, IMD ने जारी की चेतावनी