अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने मारबत उत्सव की तैयारी तेज सोर्स- सोशल मीडिया
नागपुर

नागपुर का ऐतिहासिक मारबत उत्सव अब बनेगा अंतरराष्ट्रीय! नागरिक सुविधाओं पर मनपा का फोकस

Nagpur Marbat Festiva: नागपुर के ऐतिहासिक मारबत उत्सव को इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की तैयारी है। मनपा इसे महोत्सव का रूप देने के साथ नागरिकों और आयोजकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।

अंकिता पटेल

Nagpur Marbat Festival Cultural Heritage: नागपुर की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े प्रमुख आयोजनों में मारबत उत्सव का विशेष स्थान है। यह केवल एक धार्मिक या पारंपरिक आयोजन नहीं, बल्कि शहर की लोकसंस्कृति और सामाजिक चेतना से जुड़ी अनूठी परंपरा है। हर साल पोला पर्व के अगले दिन मारबत का भव्य जुलूस निकाला जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं।

मारबत उत्सव में अलग-अलग आकार के पुतले तैयार किए जाते हैं। परंपरा के अनुसार इन पुतलों को बुराई, बीमारी, सामाजिक कुरीतियों और नकारात्मक शक्तियों का प्रतीक माना जाता है। जुलूस के माध्यम से इन बुराइयों को शहर से दूर करने का संदेश दिया जाता है।

सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर भी होता है कटाक्ष

समय के साथ मारबत उत्सव का स्वरूप और व्यापक हुआ है। यहां बनाए जाने वाले पुतलों के जरिए सामाजिक समस्याओं, महंगाई, भ्रष्टाचार और राजनीतिक मुद्दों पर व्यंग्य भी किया जाता है। इस वजह से मारबत उत्सव नागपुर के लोगों के लिए अपनी बात और जनभावना व्यक्त करने का एक अनोखा माध्यम बन गया है।

नागपुर सिटी की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक पहचान माने जाने वाले 'मारबत उत्सव' को इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की जोर-शोर से तैयारी की जा रही है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महानगर पालिका ने इसे महोत्सव का रूप देने के उद्देश्य से आम नागरिकों और आयोजकों को बेहतरीन सुविधाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता जताई है।

यहां तक कि सोमवार को महापौर नीता ठाकरे की अध्यक्षता में डॉ. पंजाबराव देशमुख स्मृति स्थायी समिति सभागार में तैयारियों का जायजा लेने के लिए एक विशेष बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में विधायक प्रवीण दटके, स्थायी समिति की सभापति शिवानी दाणी, सत्तापक्ष नेता नरेंद्र बोरकर, मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर सहित कई पार्षद, पुलिस उपायुक्त (यातायात) आदित्य मिरखेलकर और काली व पीली मारबत उत्सव समिति एवं बडग्या उत्सव समिति के कई सदस्य उपस्थित थे।

अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने मारबत उत्सव की तैयारी तेज

नागपुर की पहचान से जुड़ी परंपरा

मारबत उत्सव की परंपरा 19वीं सदी से चली आ रही मानी जाती है। करीब डेढ़ सौ साल से अधिक समय से जारी यह आयोजन आज नागपुर की विशिष्ट लोक-सांस्कृतिक विरासत बन चुका है। हर साल इसके जुलूस को देखने के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।

आम जनता का पर्व और नई पहल

बैठक में विधायक प्रवीण दटके ने कहा कि 'मारबत बडग्या वास्तव में नागपुर के आम नागरिकों का उत्सव है, जो समाज के गंभीर और जनहित के मुद्दों को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम रहा है।

उन्होंने सुझाव दिया कि बडग्या तैयार करते समय कुछ नई संकल्पनाओं का उपयोग किया जाना चाहिए और जुलूस देखने आने वाले लोगों के लिए पेयजल सहित अन्य उत्तम सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए, मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर ने जुलूस के सुचारु संचालन के लिए समन्वय समिति के माध्यम से काम करने की बात कही। साथ ही उन्होंने जुलूस मार्ग पर मौजूद गड्डों, लटकते बिजली के तारों और अन्य सभी बाधाओं को तुरंत दूर करने के सख्त निर्देश भी दिए।

विशेष 'समन्वय समिति' के गठन का निर्देश

इस महोत्सव के जरिए शहर में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने और शहर का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पटल पर ले जाने के लिए मनपा के बजट में विशेष प्रावधान किया गया है। महापौर ने पुलिस विभाग, आयोजन समिति और अन्य सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करने को कहा है। इसके साथ ही

उन्होंने आयोजन की रूपरेखा और तैयारियों को सुचारू चौराहों रूप से लागू करने के के लिए तत्काल एक विशेष 'समन्वय समिति' गठित करने के सख्त निर्देश दिए। महापौर ने जुलूस के मार्ग को सुसज्जित रखने, प्रमुख पर स्टेज एवं स्वागत गेट बनाने तथा बेहतर विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

145 वर्षों का ऐतिहासिक महत्व

  • स्थायी समिति सभापति ने एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि इस महोत्सव का 145 वर्षों का गौरवशाली ऐतिहासिक महत्व है।

  • नागपुर की संस्कृति को दुनिया के सामने लाने के लिए इस बार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की ख्याति प्राप्त हस्तियों को भी निमंत्रित करने की योजना है।

  • नागरिकों के उत्साह को दोगुना करने के लिए "इंडा पिडा घेऊन जा गे मारबत" के नारे (बोधचिह्न) वाले स्मृतिचिह्न (मोमेंटो) और उपहार भी बांटे जाएंगे।

  • इसके अलावा एक निश्चित थीम के आधार पर मारबत और बडग्या के लिए विशेष नारे भी तैयार किए जाएंगे।

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