महिंद्रा एंड महिंद्रा को अतिरिक्त बुटीबोरी में 800 एकड़ जमीन का कब्जा मिला।
कंपनी ने जमीन के लिए एमआईडीसी को 706 करोड़ रुपये से अधिक चुकाए।
प्रस्तावित ग्रीनफील्ड परियोजना में 15,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश।
परियोजना से 20,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने का अनुमान।
Nagpur Butibori Mahindra 15000 crore investment 800 Acre Land: नागपुर के अतिरिक्त बुटीबोरी औद्योगिक क्षेत्र में महिंद्रा एंड महिंद्रा को 800 एकड़ जमीन का आधिकारिक कब्जा सौंप दिया गया है। कंपनी ने इसके लिए एमआईडीसी को 706 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया है। प्रस्तावित ग्रीनफील्ड परियोजना में 15,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश और 20,000 से ज्यादा प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
नागपुर, विदर्भ के औद्योगिक विकास और नागपुर शहर को ऑटोमोबाइल हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) ने अतिरिक्त बुटीबोरी औद्योगिक क्षेत्र में महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड को 800 एकड़ जमीन का आधिकारिक कब्जा सौंप दिया है। कंपनी इस ग्रीनफील्ड परियोजना में 15,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने की तैयारी में है।
भूमि हस्तांतरण की औपचारिक प्रक्रिया एमआईडीसी के प्रादेशिक अधिकारी मनोहर पोटे और मुख्य अभियंता राजेश झंजाल की उपस्थिति में पूरी हुई। महिंद्रा एंड महिंद्रा के ऑटो डिवीजन के चीफ ऑपरेटिंग अधिकारी डॉ. विनय खानोलकर, नागपुर ग्रीनफील्ड परियोजना के प्लांट हेड नितिन वैद्य और आशीष सोडते ने कंपनी की ओर से जमीन का कब्जा प्राप्त किया। एसोसिएशन फॉर इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट (एआईडी) के कपिल चंद्रयान भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
प्रस्तावित परियोजना के लिए कंपनी को कुल 1,500 एकड़ जमीन आवंटित किया जाना है। इसमें से 800 एकड़ का कब्जा सौंप दिया गया है, जबकि शेष 700 एकड़ जमीन का हस्तांतरण आगामी समय में किए जाने की जानकारी दी गई है।
इस परियोजना के लिए महिंद्रा एंड महिंद्रा ने एमआईडीसी को 706 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया है। प्रस्तावित निवेश से नागपुर और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
इस मेगा परियोजना से 20,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान जताया गया है। इसके साथ ही ऑटोमोबाइल से जुड़े सहायक उद्योगों, लॉजिस्टिक्स, परिवहन और सेवा क्षेत्र को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।
परियोजना के तहत प्रतिवर्ष सात लाख से अधिक वाणिज्यिक वाहनों के निर्माण का लक्ष्य बताया गया है। हालांकि, उत्पादन शुरू होने की समय-सीमा और चरणबद्ध क्षमता को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने पर परियोजना की प्रगति का आकलन स्पष्ट होगा।
एमआईडीसी के प्रादेशिक अधिकारी मनोहर पोटे के अनुसार, अतिरिक्त बुटीबोरी में 3,000 एकड़ और जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने नवंबर-दिसंबर तक अधिग्रहण पूरा होने की संभावना जताई।
पोटे ने कहा कि अतिरिक्त जमीन उपलब्ध होने से भविष्य में आने वाले निवेशकों को भूखंड आवंटित करने में मदद मिलेगी। उनके अनुसार, पहले हुए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) के तहत इच्छुक कंपनियों में से अधिकांश को जमीन आवंटित की जा चुकी है और कई कंपनियों ने काम भी शुरू कर दिया है।
महिंद्रा को समय पर जमीन सौंपे जाने को उन्होंने औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। अब परियोजना के अगले चरण, निर्माण कार्य और निवेश की वास्तविक समय-सीमा पर नजर रहेगी।