

जबरन कर्ज वसूली और किसान को प्रताड़ित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई।
आदिवासी और किसान परिवारों को 10,000 विशेष दिवाली राशन किट वितरित।
सूखा प्रभावित किसानों को 12 रियायतें और तत्काल 5,000 रुपये की सहायता देने की बात।
सूखाग्रस्त क्षेत्रों में किसान सहायता केंद्र खोलने के निर्देश।
जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह में शिवसेना की ओर से मदद का ऐलान।
Nashik Eknath Shinde warning microfinance loan recovery farmers: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने माइक्रोफाइनेंस कंपनियों, निजी साहूकारों और बैंकों को किसानों से जबरन कर्ज वसूली करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। नासिक के हरसूल में दिवाली राशन वितरण कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सूखा प्रभावित किसानों के लिए सहायता, किसान सहायता केंद्र, पानी के टैंकर और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह में मदद की घोषणा भी की।
नासिक , किसानों से जबरन कर्ज वसूली कर उन्हें परेशान करने वाली माइक्रोफाइनेंस कंपनियों, निजी साहूकारों और बैंकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी किसान को प्रताड़ित किया गया या उसे आत्महत्या जैसे कदम के लिए मजबूर करने की स्थिति पैदा हुई, तो संबंधित लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्हें जेल में पत्थर तोड़ने पड़ेंगे। यह कड़ी चेतावनी उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को दी।
नासिक जिले के आदिवासी बहुल और दुर्गम क्षेत्र हरसूल में शिवसेना की ओर से आयोजित दिवाली राशन वितरण कार्यक्रम में शिंदे बोल रहे थे। इस दौरान उपमहापौर विलास शिंदे की पहल पर तैयार की गईं 10,000 विशेष दिवाली राशन किट आदिवासी और किसान परिवारों को वितरित की गईं।
शिंदे ने नांदेड में एक किसान की मौत का उल्लेख करते हुए कहा कि कथित तौर पर एक किसान को वित्त कंपनी के कार्यालय में ले जाकर पीटा गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने हत्या का अपराध दर्ज किया है।
उन्होंने बैंकों, बीमा कंपनियों, निजी साहूकारों और माइक्रोफाइनेंस संस्थानों को चेतावनी दी कि किसानों को रोककर प्रताड़ित करने, घर जाकर दबाव बनाने या उनके साथ दुर्व्यवहार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने किसानों और शिवसैनिकों से ऐसी घटनाओं की जानकारी पुलिस को देने की अपील भी की।
उपमुख्यमंत्री ने किसानों से संकट के समय हिम्मत नहीं हारने की अपील की। उन्होंने कहा कि आर्थिक परेशानी कितनी भी गंभीर क्यों न हो, किसान आत्महत्या जैसा कदम न उठाएं, क्योंकि इससे पूरे परिवार पर गहरा संकट आ जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार और शिवसेना संकट की इस घड़ी में किसानों के साथ खड़ी है।
शिंदे ने कहा कि राज्य के 305 तालुके भीषण सूखे की चपेट में हैं और खेतों में खड़ी फसलें सूख गई हैं। उनके अनुसार, सरकार सूखा प्रभावित किसानों को निर्धारित 12 रियायतें देगी। इसके अलावा तत्काल सहायता के रूप में 5,000 रुपये देने की घोषणा की गई है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर महाराष्ट्र में सूखे की गंभीर स्थिति से अवगत कराया गया है। केंद्र सरकार से भी किसानों के लिए आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है।
शिंदे ने मंत्री दादा भुसे और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सूखा प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल किसान सहायता केंद्र शुरू करने के निर्देश दिए। इन केंद्रों के माध्यम से फसल नुकसान का सर्वेक्षण, सरकारी सहायता का वितरण, टैंकरों से जलापूर्ति और पशुओं के चारे की व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी।
दुर्गम आदिवासी बस्तियों में पेयजल के लिए टैंकर उपलब्ध कराने की बात भी कही गई। वहीं, सूखे के कारण जिन गरीब परिवारों को बेटियों की शादी करने में परेशानी हो रही है, उनकी सूची तैयार करने और ऐसे परिवारों की मदद करने का आश्वासन दिया गया।
शिंदे ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए शुरू की गई मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना किसी भी परिस्थिति में बंद नहीं होगी। उन्होंने किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली सम्मान निधि का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों योजनाओं के तहत मिलने वाली सहायता जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि शिवसेना बालासाहेब ठाकरे और धर्मवीर आनंद दिघे के समाजसेवा को प्राथमिकता देने वाले विचार पर काम करती है। फिलहाल चुनाव और राजनीति से दूर रहकर समाजसेवा पर ध्यान देने की जरूरत है।