Highlights
सेंट्रल मार्ड के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की।
रेजिडेंट डॉक्टरों के स्टाइपेंड और कल्याण से जुड़े मुद्दे उठाए गए।
अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
रोजगार के अवसर बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की मांग रखी गई।
प्रतिनिधिमंडल में महासचिव डॉ. आशुतोष आडे और उपाध्यक्ष डॉ. आशीष मडके शामिल थे।
Devendra Fadnavis MARD Meeting: महाराष्ट्र के रेजिडेंट डॉक्टरों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए सेंट्रल मार्ड के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में सेंट्रल मार्ड के महासचिव डॉ. आशुतोष आडे और उपाध्यक्ष डॉ. आशीष मडके शामिल थे।
इस दौरान राज्यभर के रेजिडेंट डॉक्टरों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। प्रतिनिधिमंडल ने डॉक्टरों के कल्याण, स्टाइपेंड बढ़ाने, कार्यस्थल पर सुरक्षा, रोजगार के अवसरों और राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत डॉक्टरों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार और डॉक्टरों के प्रतिनिधियों के बीच संवाद तथा समन्वय को आवश्यक बताया गया।
रेजिडेंट डॉक्टर मेडिकल शिक्षा और अस्पतालों में मरीजों के उपचार की व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। प्रशिक्षण के साथ-साथ वे अस्पतालों में नियमित रूप से मरीजों की देखभाल और चिकित्सा सेवाओं में योगदान देते हैं। ऐसे में उनके आर्थिक हितों, कार्य परिस्थितियों और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना आवश्यक है। मार्ड के केंद्रीय बनाने जैसे विषयों को प्रतिनिधिमंडल ने प्रमुखता से उठाया।
अस्पतालों में रेजिडेंट डॉक्टरों की सुरक्षा भी चर्चा का एक महत्वपूर्ण विषय रहा।
चिकित्सा सेवाएं प्रदान करते समय डॉक्टरों को सुरक्षित कार्यस्थल और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है।
प्रतिनिधिमंडल ने डॉक्टरों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रतिनिधिमंडल ने रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़ बनाने से जुड़े मुद्दे भी मुख्यमंत्री के सामने रखे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक रुख दिखाते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इन मांगों पर उचित विचार कर जल्द से जल्द आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
सरकार के इस सकारात्मक आश्वासन से रेजिडेंट डॉक्टरों में यह उम्मीद जगी है कि उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का जल्द ही कोई ठोस और स्थायी समाधान निकलेगा, जिससे राज्य की चिकित्सा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सकेगी।