Nagpur Land Records Department: नागपुर प्रशासनिक कामकाज को जनता के अनुकूल और तेज बनाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने भूमि अभिलेख विभाग का बड़ा विस्तार करने का निर्णय लिया है। विभाग के संशोधित दांचे (आकृतीबंध) के तहत राज्य में 50 नये कार्यालय स्थापित किए गए हैं, साथ ही 10,683 पदों के नये सांगठनिक ढांचे को अंतिम रूप दे दिया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने यह फैसला लिया है जिसके संबंध में सरकारी आदेश भी जारी कर दिया गया है।
राजस्व विभाग के नियंत्रण वाले भूमि अभिलेख विभाग में बढ़ते काम के बोझ को देखते हुए सरकार ने 11 मार्च 2026 को 10,683 पदों के संशोधित ढांचे को मंजूरी दी थी। इसके तहत राज्य भर में कई नये कार्यालय खोलने की स्वीकृति दी गई थी। अब इन नये कार्यालयों को अमलीजामा पहनाते हुए उनके प्रशासनिक कार्य क्षेत्र और मुख्यालयों के स्थान निक्षित कर दिए गए हैं।
सरकारी आदेश के अनुसार राज्य में उपनिदेशक भूमि अभिलेख का 1 नया कार्यालय, जिला अधीक्षक भूमि अभिलेख के 8। नगर भू-मापन (सिटी सर्वे) अधिकारियों के 23 और विशेष उपाधीक्षक भूमि अभिलेख के 17 नये कार्यालय स्थापित किए जाएंगे, विशेष उपाधीक्षक भूमि अभिलेख तथा जांच अधिकारी गाकठान (ग्रामीण आबादी क्षेत्र), शहर मापन और नगर भू-मापन से जुड़े कार्यों के लिए 17 नये कार्यालय (5) शहर मापन/गावठान और 12 जांच अधिकारी कार्यालय) स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही अब राज्य में ऐसे कार्यालयों की कुल संख्या बढ़कर 34 हो गई है। ये नये कार्यालय मुख्य रूप से अमरावती और नाशिक जिलों में स्थापित किए गए हैं।
उपनिदेशक, भूमि अभिलेख (1 नया कार्यालय) नांदेड में: जिला अधीक्षक भूमि अभिलेख (8 नये कार्यालय) नागपुर, अमरावती, छत्रपति संभाजीनगर, नांदेड़, अहिल्यानगर । अहमदनगर), नाशिक, पुणे और रायगढ़ में तथा नगर भू-मापन अधिकारी (23 नये कार्यालय। पुणे, नागपुर, ठाणे (कल्याण, डोंबिवली, मीरा-भायंदर), पालघर (वसई, विरार), रायगढ़ (अलीबाग), नाशिक (मालेगाव), अहिल्यानगर, सातारा (कराड), छत्रपति संभाजीनगर, जालना, परभणी, नांदेड, लातूर, बीड, अमरावती, अकोला, बुलढाना, यवतमाल, वर्षा और चंद्रपुर जिले व उनके प्रमुख शहर शामिल है।