Nagpur Winter Session: शीतकालीन सत्र की पूर्व संध्या पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि भले ही राज्य की आर्थिक स्थिति जटिल और चुनौतीपूर्ण हो, लेकिन किसानों को लाभ पहुंचाने और घोषणाओं को लागू करने के लिए निधि का आवंटन हर हाल में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बार भी विपक्ष ने सत्तापक्ष की चायपान बैठक का बहिष्कार किया है।
फडणवीस ने कहा कि विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते समय कई गलतियां की हैं। महाविकास आघाड़ी के दलों में कोई समन्वय दिखाई नहीं दिया। यहां तक कि सरकार को सौंपे जाने वाले पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए भी नेता नहीं मिल रहे थे, विशेष रूप से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की ओर से कोई शामिल नहीं था। पत्र परिषद में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और चंद्रकांत पाटिल सहित अन्य उपस्थित थे।
पृथक विदर्भ की मांग पर विपक्ष के तंज का जवाब देते हुए फडणवीस ने कहा कि विधायक विजय वड्डेटीवार को 2014 के पहले और बाद के विदर्भ की स्थिति का अध्ययन करना चाहिए। विशेष रूप से गढ़चिरोली के विकास को देखें, तो वे पृथक विदर्भ की बात करना बंद कर देंगे। उन्होंने कहा कि सिंचाई, सड़क और इन्फ्रास्ट्रक्चर में विदर्भ में बड़े पैमाने पर काम हुआ है। आर्थिक स्थिति पर विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि “राज्य की आर्थिक स्थिति नाजुक जरूर है, परंतु राज्य कंगाल नहीं है। अन्य राज्यों की तुलना में हमारी स्थिति सक्षम है।”
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एक सप्ताह के छोटे सत्र पर उठे सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों की आचार संहिता लागू होने के कारण सत्र सीमित दिनों का है। उन्होंने कहा कि कम समय में भी विदर्भ और मराठवाड़ा जैसे क्षेत्रों को न्याय देने पर जोर रहेगा। विपक्ष नेता की नियुक्ति को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अधिकार पूरी तरह से विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद सभापति का है, सरकार का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं।
आर्थिक मुद्दों पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि "भारत की अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर बनने की ओर बढ़ रही है, जिसमें महाराष्ट्र की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है।" उन्होंने विपक्ष को सुझाव दिया कि केवल सीढ़ियों पर प्रदर्शन न कर, सदन के भीतर जनता के मुद्दे उठाए जाएं ताकि उन्हें न्याय मिल सके।