व्यावसायिक शिक्षा में छात्राओं का दबदबा, प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: एआई फोटो ) 
नागपुर

एक मौका तो देकर देखिए! व्यावसायिक शिक्षा में छात्राओं का दबदबा, कई प्रोफेशनल कोर्सेज में लड़कों को पछाड़ा

Girls Professional Courses: महाराष्ट्र CET के आंकड़ों के अनुसार नर्सिंग, B.Ed, M.Ed, बीआर्क, डिजाइन, फाइन आर्ट्स व 5 वर्षीय लॉ जैसे प्रोफेशनल कोर्सों में छात्राओं का पंजीकरण छात्रों से अधिक रहा।

अंकिता पटेल

Nagpur Girls Lead Professional Admissions: नागपुर राज्य में व्यावसायिक शिक्षा के प्रति छात्राओं का रुझान लगातार बढ़ रहा है। राज्य सामाईक प्रवेश परीक्षा प्रकोष्ठ (सीईटी सेल) के आंकड़ों के अनुसार कई व्यावसायिक डिग्री और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की सीईटी परीक्षाओं में इस वर्ष छात्राओं का पंजीकरण छात्रों से अधिक रहा है।

नर्सिंग, बी.एड., एम.एड., डिजाइन, बी.आर्क, फाइन आर्ट्स और 5 वर्षीय लॉ जैसे पाठ्यक्रमों में छात्राओं ने लड़कों को पीछे छोड़ दिया है। सीईटी सेल द्वारा वर्ष 2021-22 से 2026-27 के बीच आयोजित प्रवेश परीक्षाओं के पंजीकरण आंकड़ों की समीक्षा से यह भी सामने आया है कि वर्ष 2024-25 में राज्य सरकार द्वारा छात्राओं के लिए मुफ्त उच्च शिक्षा योजना लागू किए जाने के बाद प्रोफेशनल शिक्षा की ओर उनका रुझान तेजी से बढ़ा है।

आंकड़ों के अनुसार नर्सिंग, शिक्षा (बी.एड और एम.एड.), डिजाइन, वास्तुकला (बी.आर्क), 5 वर्षीय विधि (एलएलबी) तथा फाइन आर्ट्स जैसे पाठ्यक्रमों में छात्राओं की संख्या लगातार छात्रों से अधिक रही है। विशेष रूप से नर्सिंग पाठ्यक्रम में 70 प्रतिशत से अधिक पंजीकरण छात्राओं का है जो इस क्षेत्र में उनकी बढ़ती रुचि को दर्शाता है।

इस वर्ष जिन पाठ्यक्रमों में छात्राओं का पंजीकरण छात्रों से अधिक रहा उनमें प्रमुख रूप से थे शामिल

पाठ्यक्रम छात्र छात्राएं
एमएचटी-सीईटी (पीसीबी ग्रुप) 1,75,633 2,43,961
नर्सिंग 12,317 35,404
5 वर्षीय लॉ 17,456 19,680
बी. आर्क (वास्तुकला) 1,386 2,184
फाइन आर्ट्स 1,084 1,788
डिजाइन 402 1,316
एम. फार्म 2,316 3,163
बी.एड. (ईएलसीटी) 33,554 76,480
एम.एड. 1,216 2,769
एकीकृत बी.एड.-एम.एड. 312 931

सीईटी पंजीकरण में संख्या अधिक

  • 12वीं के बाद होने वाले 5 वर्षीय लॉ पाठ्यक्रम की सीईटी में भी छात्राओं का पंजीकरण छात्रों की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत अधिक दर्ज किया गया है।
  • वहीं एमएचटी-सीईटी के पीसीबी (फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी) समूह में भी छात्राओं की भागीदारी करीब 60 प्रतिशत रही, जबकि छात्रों की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत रही।
  • पीसीबी समूह के माध्यम से फार्मेसी, कृषि, जैव प्रौद्योगिकी सहित कई अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश मिलता है। इससे स्पष्ट होता है कि इन क्षेत्रों में भी छात्राओं की रुचि तेजी से बढ़ रही है।

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