

PM Modi And Macron To Inaugurate Bharat Innovates 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 13 जून को फ्रांस के दौरे पर पहुंचेंगे। उनका यह दौरा 6 दिन का है। पीएम मोदी रविवार को फ्रांस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ भारत इनोवेट्स 2026 का उद्घाटन करेंगे। भारत सरकार की तरफ से आयोजित इस कार्यक्रम में 15 उच्च शिक्षा संस्थान और 500 से भी ज्यादा निवेशक भाग ले रहे है। यह कार्यक्रम एडवांस्ड कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी,ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा और विनिर्माण जैसे 13 प्रमुख क्षेत्रों पर आधारित रहेगा।
इस मंच पर भारत के बढ़ते नवाचार और डीप टेक इकोसिस्टम की एक बड़ी झलक देखने को मिलेगी। इस आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि पीएम मोदी के साथ विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ,वाणिज्य और साथ में उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के भी आयोजन में शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम में प्रमुख कॉरपोरेट और वेंचर कैपिटल फर्म तथा वैश्विक मुख्य कार्यकारी अधिकारी और उद्योग जगत के दिग्गज भी शामिल होंगे। बता दें फ्रांस के नीस में पहली बार भारत इनोवेट्स 2026 को एक बड़ा मंच मिला है।
वैश्विक निवेशकों के सामने भारत अपने डीपटेक और स्टार्टअप्स का प्रदर्शन करेगा। इस मंच से भारत और फ्रांस के बीच चल रहे साझेदारी बनाने का मौका भी खुलेगा। इसमें सह विकास, टेक्नोलॉजी एक्सचेंज, उभरती प्रौद्योगिकियों पर एक साथ काम करना शामिल करेगा। इससे बाजारों में पहुंच और भारतीय नवाचरों का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मंच मिलेगा।
एक रिपोर्ट के मुताबिक यह आयोजन भारत फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 के अंतर्गत आयोजित किया जाएगा। जिसकी शुरुआत फरवरी 2026 में मुंबई में पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने संयुक्त रूप से की थी। यह पहल दोनों देशों के बीच विज्ञान,प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा और विनिर्माणसहयोग को एक नई दिशा देने में एक महत्वपूर्ण शुरुआत मानी जा रही है।
इससे पहले जयशंकर जी 7 विदेश मंत्रियों के साथ बैठक में भाग लेने के लिए इसी स्थल पर आए थे। इसके दौरान उनके अन्य देशों के साथ दुपक्षीय बातचीत करने की संभावना जताई जा रही है। बता दें कि फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने 17 से 19 फरवरी के बीच भारत का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की और मुंबई इस नवाचार की शुरुआत की। दोनों नेताओ ने भविष्य में संबंधों को और मजबूत करते हुए। इसे विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी तक ले जाने के लिए अपनी सहमति जताई थी।