Nagpur Crop Loss Inspection Report: नागपुर जिले में इस वर्ष खरीफ सीजन प्रभावित होने से तहसीलों में फसलों के नुकसान का पंचनामा अगले 7 दिनों में पूरा करने का आदेश जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने संबंधित विभागों को दिया है।
उन्होंने कहा कि पंचनामा तत्काल, सटीक और पारदर्शी तरीके से पूरी होने चाहिए, उनकी अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनायक महामुनि, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी कमलाकर फुटाणे, निवासी उपजिलाधिकारी अनुप खांडे, प्रदीप उबाले, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी प्रज्ञा गोडघाटे, आपदा प्रबंधन अधिकारी अंकुश गावंडे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
उन्होंने निर्देश दिए कि तहसील स्तर पर तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी और तहसील कृषि अधिकारी तत्काल समन्वय बैठक आयोजित कर ग्राम स्तर पर संबंधित विभागों की टीमें गठित करें। इन टीमों में आवश्यकता के अनुसार पटवारी, ग्रामसेवक, कृषि सहायक अथवा कृषि सेवक और कोतवाल को शामिल किया जाए, इसके बाद पंचनामे की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए।
नागपुर जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने कहा कि कोई भी पात्र और वास्तव में प्रभावित किसान छूटने न पाए, साथ ही, अपात्र या वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाने वाले मामलों को शामिल नहीं किया जाए, उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित तहसीलदार और क्षेत्रीय अधिकारियों को यह जिम्मेदारी निभानी होगी।
जिले में पंचनामे की कार्रवाई की दैनिक प्रगति रिपोर्ट तैयार की जाए, जिन तहसीलों में पंचनामे की गति अपेक्षाकृत धीमी होगी वहां विशेष समीक्षा की जाए।
नागपुर जिले में संभावित जल संकट को देखते हुए अस्थायी उपायों के साथ ही दीर्घकालीन और स्थायी उपायों की योजना बनाने का निर्देश भी उन्होंने दिया। जल संकटग्रस्त और टैंकरों पर निर्भर गांवों को टैंकर मुक्त करने की दिशा में समयबद्ध कार्य करने का निर्देश भी दिया।
उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण जलापूर्ति विभाग, जिला परिषद के कार्यकारी अभियंता को जल संकट के मामले में नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए, वे संबंधित विभागों और क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर जल संकटग्रस्त गांवों के लिए व्यापक कार्ययोजना तत्काल प्रस्तुत करें।
जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने निर्देश दिए कि कार्ययोजना में विशेष रूप से नियमित रूप से टैंकरों पर निर्भर गांवों को प्राथमिकता दी जाए, इन गांवों को चरणबद्ध तरीके से टैंकर मुक्त करने के लिए स्थायी उपाय प्रस्तावित किए जाएं,