Illegal Commercial Property Nagpur: रामदासपेठ और बजाजनगर जैसे संभ्रांत इलाके में काचीपुरा स्थित पीकेवी की 65 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण तथा नजूल की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए लंबे समय से मनपा द्वारा कार्रवाई की जा रही है। यहां तक कि गत समय धरममेठ जोन ने यहां के तमाम अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किया था।
कार्रवाई के चलते अतिक्रमणकारियों ने राज्य सरकार के पास अपील दायर की किंतु अब राज्य सरकार ने भी अपील ठुकराए जाने के कारण अंततः 3,500 करोड़ से अधिक की सरकार की सम्पत्ति अतिक्रमण के कब्जे से मुक्त होने जा रही है। उल्लेखनीय है कि 27 हेक्टेयर (65 एकड़ से अधिक) की जमीन राज्य सरकार की ओर से पीकेवी को लीज पर दी गई थी किंतु पीकेवी इसे संभाल नहीं पाई। इससे इस पूरी जमीन पर अतिक्रमण हो गया। अब सरकार द्वारा पीकेवी से भी जमीन वापस लेने की संभावना जताई जा रही है। नगर संवाददाता।
उल्लेखनीय है कि दशकों से अवैध कब्जे में जकड़ी पीकेवी की लगभग 3,500 करोड़ के बाजार मूल्य की यह जमीन मुक्त होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि इस जमीन को खाली कराने के कई प्रयास तो हुए किंतु हर समय राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते मामला अटक गया। आश्चर्यजनक यह है कि लगभग 3,500 करोड़ रुपए की इस जमीन को लेकर न तो 67 व्यावसायिक इकाइयों के खिलाफ कोई कार्रवाई हो रही है और न ही मनपा इनसे टैक्स ही वसूल कर पा रही है। फलस्वरूप सभी अतिक्रमणकारी चांदी काट रहे हैं। सम्पत्ति बाजार के जानकारों के अनुसार बजाजनगर के इस इलाके में रेडीरेकनर की दरें 8,000 से 8,500 रुपए हैं। ऐसे में 65 एकड़ की कीमत 3,500 करोड़ या उससे भी अधिक होती है। सिटी के बीच इतनी बड़ी जमीन पर अतिक्रमण होना किसी आश्चर्य से कम नहीं है।
जानकारी के अनुसार काफी वर्षों पूर्व से काचीपुरा के इस पीकेवी की जमीन पर अतिक्रमण हुआ है। समय के साथ यहां पर विवाह समारोह के लिए लॉन्स और नाइट लाइफ का चलन बढ़ने के बाद बड़े होटल खुल गए। जिन लोगों ने पहले अतिक्रमण कर रखा था उन्हें किसी न किसी समय जमीन हाथ से जाने की आशंका थी। यही कारण रहा कि पहले अतिक्रमणकारियों ने दूसरों को किराये पर यह अतिक्रमित जमीन दे दी। माना जा रहा है कि यहां पर कुल 67 व्यावसायिक प्रतिष्ठान है जिनमें से कुछ के पास एकड़ से भी अधिक का कब्जा है। प्रति माह का किराया ही एक से डेढ लाख रुपए का लिया जाता है। मामला पेचीदा होने के कारण राजनेताओं से संबंधित कुछ लोगों ने भी कब्जा कर लिया।