नागपुर में 'प्रशासन जगाओ' आंदोलन, ऑनलाइन संच मान्यता के विरोध में शिक्षकों का धरना

Nagpur Teachers Protest: 'विज्युक्टा' के नेतृत्व में नागपुर में शिक्षकों ने 'ऑनलाइन संच मान्यता' और पेड एजुकेशन के विरोध में 'प्रशासन जगाओ' धरना दिया, जिसमें सैकड़ों शिक्षक शामिल हुए।
Led by VIJUKTA, hundreds of teachers staged a 'Prashasan Jagao' protest outside the Deputy Director of Education office in Nagpur against Online Sanch Manyata norms.
शिक्षक धरना (फोटो.सोशल मीडिया)
Updated on

Nagpur Teachers Protest Education Deputy Director Office: राज्य की निःशुल्क शिक्षा व्यवस्था और ऑनलाइन संच मान्यता से जुड़े नए प्रावधानों के विरोध में गुरुवार को नागपुर में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने धरना प्रदर्शन किया। विभागीय शिक्षा उपसंचालक कार्यालय के समक्ष आयोजित 'प्रशासन जगाओ' आंदोलन में शिक्षकों ने सरकार से शिक्षा संबंधी निर्णयों पर पुनर्विचार करने और पुरानी व्यवस्था के अनुरूप मान्यता प्रक्रिया लागू करने की मांग की।

निःशुल्क शिक्षा व्यवस्था पर संकट का आरोप

आंदोलन में शामिल शिक्षकों का आरोप था कि 15 मार्च 2024 के सरकारी निर्णय के कारण निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने वाले कई विद्यालयों का अस्तित्व संकट में पड़ गया है। उनका कहना है कि नई व्यवस्था से 'पेड एजुकेशन' आधारित शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा मिल सकता है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित होगी।

ऑनलाइन संच मान्यता पर उठाए सवाल

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ऑनलाइन संच मान्यता प्रक्रिया में वर्षों से लागू मानकों की अनदेखी की जा रही है। उनका आरोप है कि छात्र संख्या के मानदंडों में किए गए बदलाव के कारण नागपुर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के कई जूनियर कॉलेजों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। साथ ही शिक्षा क्षेत्र के लिए उपलब्ध छूट के प्रावधानों का प्रभावी तरीके से पालन नहीं होने से कई संस्थाएं अनुदान के लिए अपात्र हो सकती हैं।

700 से अधिक शिक्षकों ने लिया हिस्सा

यह आंदोलन विदर्भ जूनियर कॉलेज एसोसिएशन (विज्युक्टा) के महासचिव एवं महासंघ के कोषाध्यक्ष अशोक गव्हाणकर के नेतृत्व में आयोजित किया गया। धरने में भाऊ गोरे, अभिजीत पोटले, चेतन हिंगणेकर, नितिन देवतले, सूर्यकांत भोंगले, प्रमोद भोयर, प्रवीण चटप, विजय कुत्तरमारे सहित करीब 700 से 800 शिक्षकों ने भाग लिया और विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया।

मांगों पर कार्रवाई की उम्मीद

शिक्षकों ने प्रशासन से ऑनलाइन संच मान्यता की प्रक्रिया को पूर्व निर्धारित मानकों के अनुरूप लागू करने, निःशुल्क शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने तथा प्रभावित विद्यालयों और जूनियर कॉलेजों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आगे आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

Navbharat Live
navbharatlive.com