विजय वडेट्टीवार (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
नागपुर

'आधे इधर जाओ, आधे उधर जाओ, बाकी...', ईरान-इजराइल संघर्ष पर कांग्रेस नेता के सवाल, बोले- शोले फिल्म जैसी है भारत की हालत

कांग्रेस राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी के लेख के बाद ईरान-इजराइल युद्ध में भारत की स्थिति की चर्चा तेज हो गई है। सोनिया गांधी के लेख के बाद अब कांग्रेस नेता ने भी सरकार पर तीखे सवालों की झड़ी लगा दी है।

प्रिया जैस

नागपुर: ईरान-इजराइल युद्ध में अब अमेरिका भी कूद पड़ा है। अमेरिका के हस्तक्षेप के बाद इजराइल लगातार ईरान पर अपने हमले तेज कर चुका है। इस युद्ध जैसी स्थिति में भारत का क्या मत है, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है। इसके बाद कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने एक लेख के जरिए भारत को अपना रूख साफ करने के लिए सरकार पर सवाल उठाया था। सोनिया गांधी के इस लेख पर कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने अपनी प्रतिक्रिया दी।

महाराष्ट्र विधानसभा सीएलपी और कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने सोनिया गांधी के लेख को सही ठहराते हुए कहा, "आपकी विदेश नीति क्या है? इसे लोगों के सामने एक बार स्पष्ट करें। तीसरा विश्व युद्ध छिड़ सकता है। इसलिए, हमारा रुख स्पष्ट होना चाहिए। यही सोनिया जी ने कहा है। जब इजरायल ईरान पर हमला करता है, तो हमें बोलना चाहिए कि कौन सही है - इजरायल या ईरान? हम किसका समर्थन कर रहे हैं? वे कुछ नहीं कह रहे हैं।"

शोले जैसी भारत की स्थिति

भारत की स्थिति की तुलना शोले फिल्म से करते हुए विजय वडेट्टीवार ने कहा, "हमारी स्थिति 'शोले' जैसी है - आधे इधर जाओ, आधे उधर जाओ, बाकी मेरे पीछे आओ। जब आप पीछे मुड़ते हैं, तो आपके पीछे कोई नहीं होता। देश को ऐसी स्थिति में मत लाओ। यही हमारे नेता कह रहे हैं।"

सोनिया गांधी का लेख

इससे पहले सोनिया गांधी ने एक लेख के जरिए ईरान पर हुए मिसाइल हमलों की निंदा की थी। उन्होंने अपने लेख में अमेरिका और इजराइल द्वारा अपनाई जा रही नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने लिखा था कि जब इजराइल खुद एक परमाणु शक्ति है, तो फिर ऐसा कौन-सा नैतिक आधार है, जिस पर ईरान को लगातार टारगेट किया जा रहा था, जबकि उसके पास कोई परमाणु हथियार है ही नहीं।

सोनिया गांधी ने इसे इजरायल का दोहरा मापदंड बताया था। सोनिया गांधी ने कहा था कि इस तरह की कार्रवाई क्षेत्रीय शांति को खतरे में डालती है और अंतरराष्ट्रीय भरोसे और संतुलन को भी चोट पहुंचाती है।

भारत की चुप्पी खतरनाक

सोनिया गांधी ने अपने लेख में लिखा था कि सालों से ईरान भारत का भरोसेमंद और ऐतिहासिक दोस्त रहा है और ऐसे समय में भारत की यह चुप्पी चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि गाजा में जो तबाही हुई थी और अब ईरान में जो वर्तमान स्थिति है, उस पर भारत को एक जिम्मेदार, साफ और साहसी आवाज में अपनी बात सामने रखना चाहिए।

BRICS Summit Day 1: मोदी-जिनपिंग की मुलाकात, दिल्ली डिक्लेरेशन और गाला डिनर... समिट के पहले दिन क्या-क्या हुआ?

कांग्रेस का संगठन पुरुष प्रधान है.. कर्नाटक में महिलाओं की अनदेखी पर शिवसेना नेता कृष्णा हेगड़े ने साधा निशाना

BRICS Summit: भारत मंडपम में भव्य गाला डिनर, PM मोदी ने विदेशी मेहमानों को परोसे खास भारतीय व्यंजन

माउंट रुद्रगैरा पर लहराया तिरंगा: लखनऊ की बेटी पूर्वा धवन ने 5,826 मीटर ऊंची चोटी की फतह, मिशन एवरेस्ट पर नजर

BRICS Summit: भारत मंडपम में दिखी मोदी-पुतिन-जिनपिंग की केमिस्ट्री, तस्वीरों ने खींचा ध्यान