सुंदर लड़की से सभी प्यार करते हैं, बीजेपी में 'आयाराम' नेताओं पर गडकरी का तंज, बोले- पिक्चर अभी बाकी है

Maharashtra Politics: भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो रहे बाहरी नेताओं पर अब अंदरूनी कलह की अटकलें तेज होती नजर आ रही है। इस पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो रहे बाहरी नेताओं पर अब अंदरूनी कलह की अटकलें तेज होती नजर आ रही है। इस पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
नितिन गडकरी (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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नागपुर: भारतीय जनता पार्टी में उद्धव गुट से निकाले गए नेता सुधाकर बडगुजर की एंट्री से बवाल मचा हुआ है। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि सुधाकर बडगुजर के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज है और उन्हें पार्टी में शामिल करने से पार्टी की छवि धूमिल हो सकती है। इस पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से भी पूछा गया, जिस पर उन्होंने प्रतिक्रिया दीं।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बीजेपी की विवादित नीतियों की कई बार खुल कर आलोचना कर चुके हैं। उन्होंने विवादित लोगों के बीजेपी में पक्ष प्रवेश पर शनिवार को तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि यदि कोई लड़की सुंदर है, तो सौ लोग उससे प्यार करते हैं। इससे उसकी सुंदरता में क्या बुराई है?

कौन है बडगुजर? - गडकरी

भाजपा में आयाराम पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने बडगुजर का चेहरा भी नहीं देखा है। यह बडगुजर कौन हैं? मुझे नहीं पता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 11 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में भाजपा नागपुर महानगर ने रेशिमबाग स्थित कविवर्य सुरेश भट हॉल में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ साक्षात्कार का आयोजन किया। इस अवसर पर डबल इंजन सरकार और विपक्षी दल के अव्यवस्थित होने के बाद भी बीजेपी को बडगुजर जैसे आयाराम की आवश्यकता क्यों पड़ी? इस सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री गडकरी ने भाजपा की तुलना एक सुंदर लड़की से की और अन्य दलों से आए लोगों पर निशाना साधा।

पिक्चर अभी बाकी है

पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, 'पिछले 11 वर्षों की सभी योजनाओं ने भारत के विकास को दिशा दी है। पूरी फिल्म अभी बाकी है। मेरे मंत्रालय के तहत ऑटोमोबाइल उद्योग 13 लाख करोड़ रुपए से 22 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।

उन्होंने कहा मेरा मानना है कि अगले पांच वर्षों में भारत में ऑटोमोबाइल उद्योग नंबर एक पर पहुंच जाएगा और 10 करोड़ नौकरियां पैदा करेगा।पिछले ग्यारह वर्षों में किए गए काम सिर्फ एक रील है और पूरी फिल्म अभी बाकी है। साथ ही, मुझे 2029 में जो भी भूमिका मिलेगी, मैं उसे निभाऊंगा और मेरा पूरा ध्यान विदर्भ में किसानों की आत्महत्या को रोकने पर है।

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