Nagpur International Agriculture Convention: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि नागपुर के दाभा में निर्माणाधीन इंटरनेशनल एग्रीकल्चरल कन्वेंशन एंड एग्जीबिशन सेंटर केवल कृषि प्रदर्शनियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियों, सम्मेलनों, कॉन्फ्रेंस और व्यावसायिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनेगा।
उन्होंने कहा कि यह अत्याधुनिक प्रकल्प नागपुर को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाएगा और शहर को इंटरनेशनल कन्वेंशन डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को दाभा में निर्माणाधीन इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निरीक्षण किया और अधिकारियों से निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली।
यह प्रकल्प दाभा गांव के पास डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय की 21.7 हेक्टेयर भूमि पर राज्य सरकार द्वारा विकसित किया जा रहा है। इसे देश का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एग्रीकल्चरल कन्वेंशन एंड एग्जीबिशन सेंटर बताया जा रहा है।
परियोजना की खास बात यह है कि यह डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, नागपुर रेलवे स्टेशन और शहर के केंद्र जीरो माइल से बेहद कम दूरी पर स्थित है। जीरो माइल से इसकी दूरी केवल 7.8 किलोमीटर है, जिससे देश-विदेश से आने वाले प्रतिनिधियों और आगंतुकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस सेंटर में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 2,000 सीटों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम बनाया जा रहा है। इसके अलावा यहां—
जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
निरीक्षण के दौरान एमएसआईडीसी के अधीक्षण अभियंता नरेश बोरकर ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से परियोजना की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लगभग 60 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य भी तेजी से जारी है।
इस परियोजना के निर्माण की जिम्मेदारी महाराष्ट्र स्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSIDC) को सौंपी गई है। निरीक्षण के दौरान एमएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक बृजेश दीक्षित और सांसद मायाताई इवनाते सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि इस कन्वेंशन सेंटर के शुरू होने के बाद नागपुर में कृषि, उद्योग, व्यापार, शिक्षा और तकनीक से जुड़े राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय आयोजन बड़ी संख्या में होंगे। इससे न केवल शहर की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्यटन, होटल, परिवहन और स्थानीय रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी।