Nagpur Heatstroke Cases: नागपुर ऑरेंज सिटी भीषण गर्मी के दौर से गुजर रही है। दिन में सूर्य देवता आग उगल रहे हैं। वहीं रात के वक्त भी राहत नहीं मिल रही है। कूलर काम नहीं कर रहे हैं। यही वजह है कि उष्माघात से प्रभावित मरीजों की संख्या ज्यादा देखने को मिल रही है। मेडिकल और मेयो की ओपीडी में गर्मी से संबंधित बीमारियों के मरीज बढ़े हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित बच्चे हो रहे हैं।
इस बीच मेडिकल के शव विच्छेदन गृह में 2 दिनों के भीतर करीब 4 अज्ञात व्यक्तियों के शव पोस्टमार्टम के लिए लाये गये, लावारिस अवस्था में मिले होने से उष्माघात का संदेह व्यक्त किया जा रहा है लेकिन अधिकृत पुष्टि नहीं हुई है। बुधवार को एक शव वाठोडा क्षेत्र के तहत स्मित बार के पास फुटपाथ पर मिला। उम्र करीब 40 वर्ष बताई गई। वहीं गणेशपेठ एसटी स्टैंड के पास एक महिला का शव मिला। उम्र 45-50 आंकी गई है।
जबकि दो शव मंगलवार को मिले थे। भीषण गर्मी में सबसे ज्यादा दिक्कते फुटपाथ पर लावारिस अवस्था में रहने वाले लोगों की बढ़ जाती है। भीषण गर्मी में शरीर में पानी की कमी से डिहाईड्रेशन होता है। इससे कई बीमारियां हो सकती हैं। बेन स्ट्रोक, बीपी बढ़ना, अटैक जैस कारणों से मौत भी हो सकती है। हालांकि उष्माघात में शुरुआत में जुकाम होता है लेकिन कई बार जुकाम की ओर नजरअंदाज करने पर सीधे मौत भी हो सकती है।
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मेडिकल के शव विच्छेदन गृह से मिली जानकारी के अनुसार 2 दिनों के भीतर 4 अज्ञात व्यक्तियों के शव लाये गये, इनका पीस्टमार्टम कर पुलिस को सौंप दिया गया। शुरुआती जांच में उष्माघात होने से इनकार किया गया है।
लेकिन अधिकृत पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। अवसर देखने में आता है कि भीषण गर्मी और भीषण ठंड लावारिस अवस्था में रहने वालों पर कहर बरपाती है। इस सीजन में सबसे अधिक लावारिस शव पोस्टमार्टम के लिए आते हैं।