Nagpur Healthy Safe Food Street: भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की 'स्वस्थ और सुरक्षित फूड स्ट्रीट' परियोजना अंतर्गत देश भर के 100 शहरों में 100 मॉडल फूड स्ट्रीट विकसित करने की एक पायलट योजना शुरू हो चुकी है। इसका मुख्य उद्देश्य स्ट्रीट फूड में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के मानकों को बढ़ावा देना है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से राज्यों को फूड स्ट्रीट के लिए निधि मुहैया कराई जा रही है। केंद्र सरकार की इस परियोजना में महाराष्ट्र के 4 प्रमुख शहर नाशिक, ठाणे और पुणे नागपुर शहर भी शामिल हैं।
नागपुर महानगरपालिका का दावा है कि इसी वर्ष आगामी सितंबर महीने में नागपुर शहरवासियों को भी 'स्वस्थ और सुरक्षित फूड स्ट्रीट' मिल जाएगा। इसका काम तेजी से हो रहा है और लगभग अंतिम चरण में है। शहर के नरेंद्रनगर इलाके में जल्द ही एक आधुनिक और हाइजीनिक फूड कोर्ट आकार लेने जा रहा है।
केंद्र सरकार की देशव्यापी योजना के तहत इसका निर्माण किया जा रहा है। इस योजना के तहत पूरे देश में 100 शहरों का चयन स्वास्थ्यप्रद खान-पान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है।
नरेंद्रनगर फ्लाईओवर से लैंडिंग परिसर के पास पंचदीपनगर के कॉर्नर पर मनपा द्वारा यह फ़ूड कोर्ट बनाया जा रहा है। इसका काम तेजी से शुरू है। अधिकारियों ने बताया कि लगभग आधा एकड़ जगह में बनाए जा रहे इस फूड कोर्ट में कुल 20 दुकानें होंगी।
परिसर में दुकानों के अलावा बीच में टॉयलेट ब्लॉक, सामने बड़ा सिटिंग एरिया और एक समर्पित पार्किंग क्षेत्र तैयार किया जा रहा है। हाल ही में मनपा के इलेट्रिक विभाग ने भी इसका काम शुरू किया है।
फूड कोर्ट का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है। बीच में इलेक्ट्रिकल और तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया के कारण कार्य में थोड़ा विलंब हुआ था लेकिन अब प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।
सभी शेष कार्य पूरे करके सितंबर माह तक इस फूड कोर्ट का उद्घाटन किए जाने की संभावना है। यह फूड कोर्ट केंद्र सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा देशभर में बनाए जा रहे 'स्वस्थ और सुरक्षित फूड स्ट्रीट' परियोजना का हिस्सा है।
-मनपा कार्यकारी अभियंता (प्रोजेक्ट), अल्पना पाटने
दुकानों के आवंटन और संचालन की जिम्मेदारी मनपा के बाजार विभाग को सौंपी गई है जो इसे लीज एग्रीमेंट के जरिए संचालित करेगा।
मनपा के अधिकारियों के अनुसार इस फूड कोर्ट के रखरखाव का जिम्मा भी मनपा के बाजार विभाग के पास ही रहेगा, ताकि फूड कोर्ट अपने मुख्य उद्देश्य के साथ नियमित संचालित हो सके।