Haj Yatra Air Fare Fare Hike: पवित्र हज यात्रा की तैयारियों में जुटे तीर्थयात्रियों के लिए विमानन क्षेत्र से एक निराशाजनक खबर आई है। एयरलाइंस कंपनियों ने हवाई किराए में अचानक 10,000 रुपये की वृद्धि कर दी है। इस बढ़ोतरी को हज कमेटी ऑफ इंडिया ने भी अपनी मंजूरी दे दी है, जिसके बाद अब यात्रियों को अपनी जेब और ढीली करनी होगी।
किराये में इस अचानक उछाल के पीछे मुख्य रूप से दो कारण बताए जा रहे हैं जैसे एटीएफ की बढ़ती कीमतें, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी विमान ईंधन की कीमतों में वैश्विक स्तर पर बढ़ोतरी हुई है। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनैतिक तनाव के कारण हवाई परिचालन की लागत बढ़ गई है, जिसका सीधा असर किराए पर पड़ा है।
नागपुर एम्बार्केशन सेंटर से सऊदी अरब जाने वाले यात्रियों के लिए अब नया हवाई किराया 1,17,504 रुपये तय किया गया है। इससे पहले यात्रियों से 1,07,504 रुपये लिए जा रहे थे। हज यात्रियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 15 मई तक यह अतिरिक्त 10,000 रुपये जमा करा दें। इस बढ़ोतरी के साथ ही पूरी हज यात्रा का कुल खर्च भी 3,36,251 रुपये से बढ़कर अब 3,46,251 रुपये हो गया है।
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इस वर्ष नागपुर एम्बार्केशन सेंटर से अकासा एयरलाइन (Akasa Air) अपनी सेवाएं दे रही है। कुल 16 उड़ानों के माध्यम से नागपुर से करीब 2360 यात्री हज के लिए रवाना होंगे। अंतिम समय पर हुए इस वित्तीय बदलाव से तीर्थयात्रियों में काफी रोष देखा जा रहा है। तीर्थयात्रियों ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यम वर्गीय परिवार के लिए 10,000 रुपये की अतिरिक्त राशि बहुत मायने रखती है। सरकार को पहले ही स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए थी। उनका कहना है कि हज यात्रा पहले ही एक बड़ी आर्थिक जिम्मेदारी होती है। आखिरी समय पर इस तरह बजट बिगाड़ना सही नहीं है। तीर्थयात्रियों का मानना है कि यदि प्रशासन इस वित्तीय बदलाव की सूचना पहले दे देता, तो वे बेहतर तरीके से अपनी तैयारी कर सकते थे।