हर्षवर्धन सपकाल सोर्स- सोशल मीडिया
नागपुर

महाराष्ट्र में उद्योग, रोजगार और पेपर लीक बने चुनावी मुद्दे! हर्षवर्धन सपकाल ने सरकार पर साधा निशाना

Graduate Constituency Election: स्नातक चुनाव में नामांकन दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सपकाल ने पुलिस कार्रवाई पर सरकार को घेरा। पेपर लीक, OBC जनगणना और बगावत न होने के दावे से सियासी सरगर्मी बढ़ी।

प्रमोद यादव

Harshwardhan Sapkal Congress: महाराष्ट्र से उद्योग बाहर जा रहे हैं, डिग्री होने के बावजूद विद्यार्थियों को रोजगार नहीं मिल रहा और पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं। लोकतंत्र की रक्षा और विकास को गति देना विधान परिषद के स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के प्रमुख मुद्दे होंगे।

यह बात कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने पत्रकारों से बातचीत में कही। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से महाविकास आघाड़ी के उम्मीदवार अभिजीत वंजारी के नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान सपकाल मौजूद थे।

उन्होंने कहा कि देशभर में 40,000 से अधिक आंदोलन चल रहे हैं। सामाजिक न्याय की दृष्टि से जातिगत जनगणना का मुद्दा भी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में महत्वपूर्ण रहेगा।

सपकाल ने CM देवेंद्र फडणवीस को दी चेतावनी

मुंबई स्थित कांग्रेस कार्यालय में हुई घटनाओं को लेकर सपकाल ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस की ओर से गलत जानकारी दी जा रही है तो पुलिस को स्पष्ट करना चाहिए कि उन्हें किसका आदेश प्राप्त है।

हमारे पास सीसीटीवी फुटेज हैं और कांग्रेस के एनएसयूआई अध्यक्ष को पुलिस ने हिरासत में लिया है, ऐसा दावा सपकाल ने किया। उन्होंने आरोप - लगाया कि बिना किसी अनुमति के पुलिस कांग्रेस मुख्यालय में घुस गई।

कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने - मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चेतावनी देते हुए कहा, देवेंद्र फडणवीस, अब बहुत हो गया। यदि आप अपने पुलिसकर्मियों को हमारे घर में भेजोगे तो हमें भी आपके 'वर्षा' निवास तक आना पड़ेगा।

सपकाल ने दावा किया अमरावती में नहीं होगी बगावत

हर्षवर्धन सपकाल ने दावा किया कि अमरावती निर्वाचन क्षेत्र में बगावत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि महाविकास आघाड़ी के घटक दलों की भूमिका एक-दूसरे के पूरक रहेगी, किसी तरह का मतभेद या बगावत नहीं होगी। सभी दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे।

नाना पटोले ने कहा कि ओबीसी का मुद्दा रहेगा

पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी के लगातार दवाव के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओबीसी की जनगणना कराने का निर्णय लिया लेकिन इसके लिए अलग कॉलम नहीं है।

इससे समाज में बड़े पैमाने पर असंतोष है। यह मुद्दा केवल चुनाव तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि जब तक सरकार ओबीसी के लिए अलग कॉलम शामिल नहीं करती तब तक यह मुद्दा बना रहेगा।

India By Election 2026 LIVE: उपचुनाव में दांव पर कई दलों की साख, नंदीग्राम-रेजीनगर से नगांव तक वोटिंग शुरू

इंडिया गठबंधन का CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ रण! इस्तीफे की मांग के साथ निर्वाचन सदन पर हल्ला-बोल

Weather Alert: दिल्ली से बिहार और यूपी तक बदलेगा मौसम, 24 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, आंधी की चेतावनी

फॉर्म 6 पर नहीं थम रही तकरार! राहुल गांधी के नए दावों का ECI ने किया फैक्ट-चेक, खुलासे के बाद नहीं आया जवाब

दुर्गा पूजा में उपद्रव की कोशिश तो खैर नहीं! राज्यभर में DJ बैन,जानें बिहार पुलिस का नया सिक्योरिटी प्लान