अस्पतालों में उमड़ी भीड़ प्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI
नागपुर

नागपुर में बारिश के बाद उमस का टॉर्चर, अस्पतालों में उमड़ी भीड़, 2 दिन में पहुंचे 3,000 से अधिक मरीज

Nagpur GMC Medical OPD: नागपुर में बारिश के बाद बढ़ी उमस से संक्रामक बीमारियों और त्वचा रोग के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। मेडिकल अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है।

प्रमोद यादव

Nagpur Weather Humidity Diseases: नागपुर शहर और जिले में बारिश के बावजूद उमस से लोगों को राहत नहीं मिल रही है। दिनभर वातावरण में 'उबाल' जैसी स्थिति बनी रहने से अब इसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है।

मौसम में बदलाव, संक्रमण और त्वचा संबंधी शिकायतों के चलते शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय एवं अस्पताल (मेडिकल) की ओपीडी में इन दिनों मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। पिछले 2 दिनों में ही मेडिकल की ओपीडी में 3,000 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचे हैं।

इनमें संक्रामक बीमारियों और विभिन्न तरह के इंफेक्शन से परेशान मरीजों की संख्या भी अधिक बताई जा रही है। मेडिकल अस्पताल में जिले के विभिन्न हिस्सों के साथ ही अन्य राज्यों से भी मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। बारिश के कारण वातावरण में नमी बढ़ने और लगातार बनी उमस से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं।

सामान्य बीमारियों के मरीजों के साथ संक्रमण और त्वचा रोग से परेशान मरीज भी बड़ी संख्या में ओपीडी का रुख कर रहे हैं। इसके चलते अस्पताल के पंजीयन कक्ष से लेकर विभिन्न विभागों तक मरीजों की भीड़ दिखाई दे रही है।

अस्पताल के त्वचा रोग ओपीडी में 1,050 मरीज

नागपुर शहर और जिले में सबसे अधिक भीड़ त्वचा रोग विभाग की ओपीडी में नजर आ रही है। सोमवार को यहां मरीजों की संख्या 1,050 तक पहुंच गई थी। यह आंकड़ा वर्षभर के बाद देखने को मिला है।

मंगलवार को भी 800 से अधिक मरीजों ने उपचार कराया। लगातार 2 दिनों तक इतनी बड़ी संख्या में मरीज पहुंचने से ओपीडी पर काम का दबाव बढ़ गया है।

विभाग प्रमुख डॉ. जयेस मुखी ने बताया कि बारिश के बाद वातावरण में नमी और उमस बढ़ने से फंगल इंफेक्शन जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं।

इसके अलावा त्वचा पर खुजली, लाल चकत्ते और अन्य संक्रमण संबंधी शिकायतों के मरीज भी बढ़ते हैं। मौसम में बदलाव के कारण इस तरह की शिकायतों में अचानक बढ़ोतरी देखी जा रही है।

नागपुर निजी इलाज महंगा, सरकारी बना सहारा

नागपुर जिले में निजी अस्पतालों और क्लिनिकों में उपचार का बढ़ता खर्च भी सरकारी अस्पताल में मरीजों की भीड़ का एक बड़ा कारण बन रहा है।

महंगी जांच, डॉक्टर की फीस और दवाइयों के खर्च के कारण कई मरीज मेडिकल में उपचार कराना पसंद कर रहे हैं। यहां महज 20 रुपये के पंजीयन शुल्क में उपचार की सुविधा उपलब्ध है।

शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय में मरीजों को अस्पताल से करीब 60 प्रतिशत दवाइयां भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऐसे में कम खर्च में उपचार और दवाइयां मिलने के कारण बड़ी संख्या में मरीज मेडिकल की ओपीडी की ओर रुख कर रहे हैं।

ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ी है। हालांकि त्योहारों के सीजन में भीड़ कम रहती थी लेकिन इस बार स्थिति विपरित बनी हुई है। सभी मरीजों का योग्य तरीके से उपचार किया जा रहा है। डॉक्टरों की टीम भी लगी हुई है। वार्डों में भर्ती वाले भी बढ़े हैं। फिलहाल स्थिति सामान्य है। -
डॉ. अविनाश गावंडे, वैद्यकीय अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज

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