फ्लाईओवर नामकरण विवाद सोर्स- सोशल मीडिया
नागपुर

नागपुर फ्लाईओवर नामकरण विवाद, सड़कों पर उतरीं कांग्रेस-BSP, डॉ. हेडगेवार के नाम पर मचा बवाल

Nagpur Flyover Controversy: नागपुर के कमाल चौक-दिघोरी फ्लाईओवर का नाम डॉ. हेडगेवार के नाम पर रखने पर विरोध शुरू हो गया है। कांग्रेस और बसपा ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया है।

प्रमोद यादव

Nagpur  Kamal Chowk Dighori Flyover: नागपुर शहर में लोकार्पित कमाल चौक से दिघोरी तक के 8.9 किलोमीटर लंबे नए फ्लाईओवर के नामकरण को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया है।

उद्घाटन समारोह के दौरान कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी (बसपा), रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने कड़ा विरोध जताया, सड़कों पर उतरकर सरकार के इस फैसले की निंदा करते हुए प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इस कदम से शहर का सामाजिक माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है।

आंदोलकारियों का कहना है कि जिस व्यक्ति का कोई योगदान नहीं रहा, उनका नाम देकर महापुरुषों का अपमान किया गया है। उन्होंने मांग की कि सरकार इस नाम को तुरंत वापस ले अन्यथा कानूनी लड़ाई के साथ-साथ उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। रेशिमबाग चौक, कमाल चौक और शहर के कई अन्य हिस्सों में सरकार के खिलाफ विरोध के सुर गूंजते रहे।

BJP के तरफ डॉ. केशव बलीराम पंत हेडगेवार फ्लाईओवर

नागपुर शहर में नवनिर्मित फ्लाईओवर को शुक्रवार रात भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से 'डॉ. केशव बलीराम पंत हेडगेवार फ्लाईओवर' नाम दिए जाने की घोषणा की गई। किसी भी आधिकारिक सरकारी एजेंसी द्वारा औपचारिक नाम की घोषणा किए बिना इस प्रकार नाम रखने पर शहर में विरोध की लहर दौड़ गई।

आंबेडकरी संगठनों का दावा है कि कांग्रेस की तत्कालीन सांसद सरोज खापर्डे ने कमाल चौक से गोलीबार चौक तक फ्लाईओवर बनवाया था, जो उस समय नागपुर का पहला फ्लाईओवर था।

तब इंदौरा चौक से कमाल चौक और आगे के मार्ग को 'डॉ. बाबासाहब आंबेडकर मार्ग' तथा पुल को 'डॉ. बाबासाहब आंबेडकर फ्लाईओवर' नाम दिया गया था, जो आज तक कायम है। आरोप है कि राज्य की वर्तमान सरकार ने बहुमत का दुरुपयोग करते हुए और तानाशाही रवैया अपनाकर मनमाने ढंग से यह नाम बदला है, जो भारत रत्न डॉ। बाबासाहब आंबेडकर का अपमान है।

कमाल चौक पर कांग्रेस का प्रदर्शन

नागपुर शहर में कमाल चौक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने फ्लाईओवर के नामकरण के खिलाफ भारी आक्रोश व्यक्त किया। प्रदेश युवा कांग्रेस के कुणाल राऊत, पार्षद गौतम अंबाडे, अभिषेक शंभरकर, आसिफ शेख, दिनेश यादव, मनोज बंसोड़, पार्षद कल्पना द्रोणकर, बंडोपंत टेंभुर्णे, चेतन तरारे, नीलेश खोरगडे सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

बसपा ने रेशिमबाग चौक पर किया आंदोलन

नागपुर शहर में बसपा ने फ्लाईओवर के नामकरण का जोरदार विरोध किया। सुबह से ही पुलिस बसपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने की कोशिश कर रही थी, लेकिन कार्यकर्ता दिनभर पुलिस के हाथ नहीं आए।

शाम के समय कई कार्यकर्ता अचानक रेशिमबाग चौक पर एकत्र हुए और उग्र प्रदर्शन किया। बसपा नेताओं ने डॉ.हेडगेवार के नाम पर आपत्ति जताते हुए सरकार को जनभावनाएं समझने की सलाह दी।

उन्होंने मांग की कि इस फ्लाईओवर का नाम बाबासाहब आंबेडकर या सम्राट अशोक के नाम पर रखा जाए। इसके बाद अजनी पुलिस ने बसपा के प्रदेश महासचिव नाराजेकर, जिलाध्यक्ष योगेश लांजेवार, शहराध्यक्ष अनिकेत कुत्तरमारे, प्रदेश सचिव प्रफुल्ल मानके व विवेक हाडके, अमित बनसोडे सहित 25 से 30 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

रिपब्लिकन पार्टी भी उतरी

रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI), आंबेडकरी आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों ने कहा कि फ्लाईओवर का नाम बदलना जनभावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला और जनाक्रोश भड़काने वाला कृत्य है।

कमाल चौक पर एकत्रित होकर नेताओं ने नागपुर के पहले फ्लाईओवर के इतिहास की याद दिलाई और कहा कि यह मार्ग और पुल हमेशा से डॉ. आंबेडकर के नाम पर ही जाना जाता रहा है।

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