Nagpur Flavoured Supari Black Marketing: नागपुर जिले में तुकाराम मुंढे के एफडीए आयुक्त का पदभार संभालने के बाद खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के साथ सुगंधित सुपारी के विक्रेताओं में खलबली मच गई थी। कुछ दिन तो जमकर कार्रवाई की गई लेकिन कार्रवाई धीमी पड़ती देख सुगंधित सुपारी की कालाबाजारी तेजी से बढ़ गई है।
सिटी के हर एक कोने के साथ स्कूल-कॉलेज के पास सुगंधित सुपारी खुलेआम दोगुने-तिगुने दाम पर बेची जा रही है। हालात यह हैं कि प्रतिबंध और कार्रवाई के डर का फायदा उठाकर कुछ विक्रेता ग्राहकों से मनमानी कीमत वसूल रहे हैं। कहा जा सकता है कि आयुक्त मुंढे का तो बहाना है, इन्हें तो दाम बढ़ाना ही था।
जानकारी के अनुसार, पहले जिन उत्पादों की कीमत सामान्य थी अब वे दोगुनी से लेकर तिगुनी दरों पर बेचे जा रहे हैं। स्थिति का फायदा उठाकर विक्रेताओं की मनमानी तो बढ़ गई है लेकिन स्थानीय एफडीए विभाग के अधिकारी भी मुंढे के नाम पर निष्क्रय हो गये हैं। इसी निष्क्रयता का फायदा विक्रेता उठाकर लोगों को लूटने पर तुले हुए हैं। इस ओर जब मुंढे ध्यान देंगे तब यहां के अधिकारी नींद से जागेंगे।
''अधिकारियों की इसी उदासीनता के कारण विक्रेताओं ने सुगंधित सुपारी, खरें सहित अन्य चीजों के दाम मनमाने ढंग से बढ़ा दिए हैं।''
जो रजनीगंधा पहले 15 रुपये में मिलती थी वह अब 30 रुपये में बेची जा रही है, वहीं 300 रुपये का डिब्बा 800 रुपये तक में बेचा जा रहा है। इसी तरह विमल सहित अन्य उत्पाद भी 100 रुपये से अधिक कीमत पर ग्राहकों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ग्राहक कहते हैं कि संबंधित विभाग को बाजार में हो रही इस कालाबाजारी की जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसके चलते कालाबाजारी करने वालों के हौसले बुलंद हैं।
कार्रवाई से बचने विक्रेताओं ने सुगंधित सुपारी, खर्रा सहित अन्य प्रतिबंधित उत्पादों का बेचने का तौर तरीका ही बदल दिया। अधिकारियों के ड्यूटी के समय को देखते हुए विक्रेता अभी ग्राहकों को सुबह 9 बजे से पहले और शाम को 6 बजे के बाद ही इन उत्पादों खरीदने का समय दे रहे हैं। सुबह और शाम के समय पानठेलों पर इन उत्पादों की चड़ल्ले से बिक्री हो रही है।
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कई विक्रेता तो कार्रवाई के डर से घर से भी अपनी दुकान चला रहे है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार में सुगंधित सुपारी की उपलब्धता में कोई कमी नहीं है। इसके बावजूद विक्रेता प्रतिबंध के नाम पर हम लोगों से ऊंचे दाम वसूल रहे हैं। कई दुकानदार कार्रवाई का हवाला देकर ग्राहकों से अधिक कीमत मांग रहे है।