वाहनों की बिक्री (AI Generated Photo) 
नागपुर

त्योहारों के सीजन का धमाकेदार आगाज, 3 दिनों में बिक गए 1,268 वाहन, यहां देखें आंकड़े

Business News: ऑटोमोबाइल सेक्टर पॉजिटिव मूड में है। इस सकारात्मक मूड का मूल कारण जीएसटी में कटौती है। वाहनों की कीमतें अच्छी खासी कम हुई हैं। सितंबर के राष्ट्रीय आंकड़े भी सकारात्मक दिखाए गए हैं।

प्रिया जैस

Nagpur Business: नागपुर में अक्टूबर महीने का धमाकेदार आगाज हो चुका है। कंपनियों ने दावा किया है कि सितंबर में अच्छी खासी बुकिंग हुई जिसकी दशहरा पर डिलीवरी की गई। आंकड़ों में नजर डालें तो नागपुर में सितंबर बहुत अधिक सकारात्मक दिखाई नहीं दे दिया लेकिन अक्टूबर की काफी उफान के साथ शुरुआत हुई है। महज 3 दिनों में ही 1,268 वाहनों की डिलीवरी हो चुकी है।

यह आंकड़ा और बढ़ेगा क्योंकि दशहरा में पूर्ण रूप से रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका है। टूव्हीलर सेगमेंट से लेकर फोरव्हीलर तक की अच्छी खासी वृद्धि देखने को मिली है। डीलरों की मानें तो यह महीना काफी ‘ग्रोथ’ देने जा रहा है। दशहरा के बाद दिवाली का सीजन शुरू हो चुका है। विदर्भ ऑटोमोबाइल डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुज पांडे कहते हैं कि लोगों की सोच में काफी बदलाव आया है।

हालांकि लंबी चली बारिश से ग्रामीण भागों में बहुत ज्यादा उठाव देखने को नहीं मिला परंतु हमें पूरी उम्मीद है कि लोग जीएसटी दर कटौती के चलते दिवाली में मूड बना रहे हैं, इसलिए इस बार की दिवाली सीजन भी एक नई ‘ऊंचाइयों’ को छुएगा।

एक लाख का आंकड़ा पार

इस पूरे वर्ष को देखें तो नागपुर में तीनों आरटीओ मिलाकर बिक्री का आंकड़ा एक लाख से ऊपर पहुंच गया है। चालू वर्ष में अब तक 116108 वाहन बिक चुके हैं। यह पहले की तुलना में बेहतर हैं। सीजन का दौर जारी है और उम्मीद की जा रही है कि यह आंकड़ा और तेजी से आगे बढ़ेगा। आरटीओ के आंकड़े बताते हैं कि एमएच-49 में सर्वाधिक 51,155 वाहनों का पंजीयन हुआ है। इसके बाद एमएच-40 में 43,122 वाहनधारकों ने वाहनों का पंजीयन कराया है। एमएच-31 में अब वाहनों का रजिस्ट्रेशन कम हो गया है और यहां पर चालू वर्ष में 21,831 वाहन पंजीकृत हुए हैं।

हर दूसरे व्यक्ति के पास वाहन

नागपुर जिले की वोटरलिस्ट देखी जाए तो जिले में लगभग 45-46 लाख वोटर हैं। आरटीओ के आंकड़े बताते हैं कि जिले में वर्तमान में वाहनों की संख्या 24,64,817 पहुंच चुकी है। स्पष्ट है कि अब लगभग हर दूसरे व्यक्ति के पास वाहन उपलब्ध हो गया है। वाहन आज छात्र से लेकर कामकाजी तक के लिए जरूरत बन चुके हैं।

यही कारण है कि आज प्रत्येक घर में वाहनों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। हर दूसरे व्यक्ति के पास वाहन उपलब्ध हो चुका है। तमाम सार्वजनिक सुविधाओं के बाद भी वाहनों की बिक्री में अंकुश नहीं लग पा रहे हैं। यह अलग बात है कि मेट्रो में लगभग 1 लाख, आपली बस में लगभग 1 लाख यात्री रोज सफर कर रहे हैं। बावजूद वाहन की तदाद तेजी से बढ़ रही है।

आरटीओ आधारित वाहनों की संख्या

  • 8,46,381 वाहन एमएच-49 में
  • 8,69,428 वाहन एमएच-40 में
  • 7,49,008 वाहन एमएच-31 में
  • 24,64,817 नागपुर जिले में अब तक कुल वाहन
  • 1,16,108 वर्ष 25 में वाहन बिके

इस प्रकार बढ़ते चले गए वाहन

माह एमएच-49 एमएच-40 एमएच-31
जनवरी 7,161 6,228 2,820
फरवरी 4,610 4,337 1,954
मार्च 5,797 5,022 2,523
अप्रैल 5,918 5,264 2,443
मई 5,237 4,474 2,216
जून 5,365 4,470 2,326
जुलाई 5,752 4,541 2,473
अगस्त 5,862 4,410 2,660
सितंबर 5,109 4,167 2,260
अक्टूबर 591 427 250
चालू वर्ष में बिक्री 51,155 43,122 21,831

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