ई-85 ईंधन, इथेनॉल मिश्रण, पेट्रोल पंप, (सोर्स: सौजन्य AI) 
नागपुर

सस्ता ईंधन या नई परेशानी? इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर बढ़ी बहस, नागपुर में जल्द मिलेगा E-85 पेट्रोल

Nagpur Ethanol Blended Fuel: E-85 ईंधन पेट्रोल से सस्ता है, लेकिन इथेनॉल मिश्रण के कारण वाहन संगतता, भंडारण और सप्लाई से जुड़ी चुनौतियां पेट्रोल पंप संचालकों की चिंता बढ़ा रही हैं।

अंकिता पटेल

Nagpur E85 Fuel Vehicle Compatibility: सुनकर यह अच्छा लगता है कि सरकार ई-85 पेट्रोल बाजार में लाई है जिसकी कीमत वर्तमान पेट्रोल की तुलना में 20 रुपये लीटर कम है। वाहनधारकों की यह पहली पसंद बन सकता है लेकिन इसके लिए जरूरी यह भी है कि ई-85 पेट्रोल योग्य वाहन बाजार में आ जाएं। अभी पेट्रोल डीलर ई-20 पेट्रोल से ही परेशान हैं। उनका कहना है कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल 'झगड़े' की जड़ बनता जा रहा है क्योंकि 'एक बूंद' पानी इथेनॉल को खराब कर देता है।

अगर 85 फीसदी इथेनॉल मिश्रित ईंधन आता है तो इसके लिए सप्लाई चेन से लेकर पेट्रोल पंप तक बहुत ही पुख्ता इंतजाम करना जरूरी है, अन्यथा ग्राहक और पंप मालिकों के बीच झंझट काफी बढ़ना तय है। सरकार ने ई-85 ईधन मार्केट में उतार दिया है, कुछ वाहन कंपनियां भी इसके अनुरूप वाहन बाजार में उतार चुकी हैं।

ई-85 ईंधन की तैयारी, नए फ्यूल को लेकर वाहन मालिकों में चिंता

नागपुर जैसे शहर में दोनों के आने में अभी वक्त लगेगा लेकिन इस बीच भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने 2 पंपों में सुविधा विकसित कर दी है और 2 पंपों में जल्द ही ई-85 ईंधन मिलना शुरू हो जाएगा। उक्त पंप उमरेड रोड, मेडिकल चौक, मानेवाड़ा और बैरामजी टाउन में हैं। इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने अभी तक कोई पहल नहीं की है लेकिन उसके पंपों पर भी जल्द ही ई-85 ईंधन आने के क्यास लगाये जा रहे हैं। इस माह आ सकता है ई-25 पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि बरसात के ठीक पहले यानी इस माह सरकार ई-25 पेट्रोल भी लाने जा रही है। यह भी वर्तमान वाहनों के लिए खतरा ही उत्पन्न करने वाला है क्योंकि वर्तमान वाहन 25 फीसदी इथेनॉल के अनुरूप नहीं बने हैं। इससे ही वाहनों पर संकट खड़ा होना तय है। ऐसे में बारिश के मौसम में लोगों को विशेष ख्याल रखना अनिवार्य है।

5 महीने स्टॉक रहने से भी होता है खराब

संचालकों ने बताया कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रल अगर 4-5 माह तक टंकी में पड़ा रहा तो उसका उपयोग नहीं हो सकता है। इसके लिए टंकी में पुनः साफ करने की नौबत आ जाती है। वही हाल वाहनों के साथ भी होने वाला है। खैर जो भी हो सरकार ने आदेश दिया है तो पालन तो करना ही पड़ेगा परंतु एक बात तय है कि डीलरों की परेशानी खासी बढ़ने जा रही है।

कहीं बरसात के मौसम में बढ़ न जाए विवाद

नाम न छापने की शर्त पर कुछ पेट्रोप पंप संचालकों ने बताया कि बरसात के दिनों में समस्या काफी विकराल रूप धारण कर लेती है। खासकर मोटरसाइकिल वाले काफी परेशान होते हैं। 20 फीसदी इथेनॉल वाले पेट्रोल में ही एक बूंद पानी जाने से इथेनॉल से अलग सोल्यूशन बन जाता है और वह वाहन के लिए दिक्कत पैदा कर देता है।

ऐसा लगता है कि मानो पंप से ही उन्हें गलत पेट्रोल दिया गया है लेकिन वस्तुस्थिति वैसी होती नहीं है, इसलिए बरसात के दिनों में पंप संचालक और वाहन धारक के बीच तू-तू-मैं-मैं की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

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