Mohan Yadav-Uma Bharti Meeting: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार शाम भोपाल स्थित पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब 40 मिनट तक बंद कमरे में बातचीत हुई। मुलाकात के बाद उमा भारती ने इसे "शुद्ध भाई-बहन की मुलाकात" करार दिया और कहा कि मुख्यमंत्री को किसी सलाह की नहीं, बल्कि सफलता के लिए आशीर्वाद की जरूरत है।
बता दें कि भोपाल में सोमवार शाम मुख्यमंत्री मोहन यादव पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के सरकारी आवास पर पहुंचे। मुलाकात के बाद उमा भारती ने कहा कि वह करीब 8 महीने बाद भोपाल आई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से फोन पर कहा था कि वह उनसे मिलने आ रही हैं, लेकिन मुख्यमंत्री ने कहा कि वे खुद उनके घर आ जाएंगे।
मुख्यमंत्री को कोई सलाह देने के सवाल पर उमा भारती ने कहा कि मोहन यादव बहुत पढ़े-लिखे और काबिल व्यक्ति हैं। उन्होंने उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष से लेकर पर्यटन निगम के अध्यक्ष, विधायक और मुख्यमंत्री तक की जिम्मेदारियां संभाली हैं। उन्होंने कहा- “उन्हें किसी सलाह की जरूरत नहीं है, उन्हें तो आशीर्वाद की जरूरत है कि वह खूब सफल हों।”
उज्जैन में खड़े हनुमान की प्रतिमा हटाने के मामले पर उमा भारती ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी उज्जैन से निकलने के बाद रास्ते में मिली। उन्होंने कहा- “हनुमान जी ने भी कमाल कर दिया। मैं तो उनकी वंदना करती हूं।”
उमा भारती ने कहा कि यदि उन्हें उज्जैन में रहते हुए इस मामले की जानकारी होती तो वह खुद खड़े हनुमान जी के सामने जाकर खड़ी हो जातीं। उन्होंने कहा कि फिलहाल कमर में काफी दर्द है और वह ठीक ढंग से बैठ भी नहीं पा रही हैं।
उज्जैन के मंदिर मामले पर उमा भारती ने कहा कि लोकतंत्र की संवैधानिक व्यवस्था में भेद नहीं किया जा सकता कि मस्जिद को बचाएंगे और मंदिर को गिरा देंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि अधिकारी और सरकार ऐसा निर्णय लेंगे, जिसमें जनभावनाओं का सम्मान होगा।
बंडा शराब कांड पर उमा भारती ने कहा कि शराब पीनी ही नहीं चाहिए, लेकिन अवैध शराब की बिक्री रोकने में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पंच-सरपंच से लेकर जिला पंचायत सदस्य, नगर पालिका के जनप्रतिनिधि, विधायक और सांसद तक को अपने क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री दिखाई देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को पुलिस के संज्ञान में मामला लाकर कार्रवाई करानी चाहिए। जब तक जनप्रतिनिधि अपनी भूमिका नहीं निभाएंगे, तब तक अवैध शराब बंद नहीं होगी।
बांदा में अवैध निर्माण गिराए जाने पर उमा भारती ने अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जो बिल्डिंग सरकार के आदेश से गिराई गईं, वे दो दिन में नहीं बनी होंगी। उनका निर्माण कम से कम पांच साल की प्रक्रिया में हुआ होगा।
उन्होंने सवाल उठाया कि इतने लंबे समय तक अवैध निर्माण एसडीएम और कलेक्टर की नजर से कैसे छूट गया? उन्होंने कहा कि जिस समय ये निर्माण हुए, उस समय के अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
इंदौर में राहुल गांधी के छात्रों के कार्यक्रम ‘गूंज’ को अनुमति नहीं मिलने पर उमा भारती ने कहा कि यदि अनुमति नहीं मिल रही है तो उसका कोई वाजिब कारण होगा। हालांकि उन्होंने कहा कि युवाओं में उफान आता है और उस उफान में भी कहीं न कहीं विवेक होना चाहिए।
उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए युवाओं द्वारा असंयमित भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। नेपाल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां युवाओं ने सत्ता परिवर्तन किया, लेकिन 76 साल की सुशीला को प्रधानमंत्री बनाया।
इसके बाद राहुल गांधी पर तंज कसते हुए उमा भारती ने कहा कि हमारे युवा मोदी जी को ही अपना नेता मानेंगे, राहुल को नहीं मानेंगे। राहुल तो खुद ही बूढ़े हो गए हैं। उन्होंने कहा कि राहुल तो डोकरा हो गए। इस उम्र में तो नाती-पोते हो जाते हैं, वे काहे के जवान।