नितिन गडकरी को बधाई देते मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: साेशल मीडिया)  
नागपुर

निकाय नतीजों के बाद नागपुर में हलचल तेज, फडणवीस-गडकरी की मीटिंग ने बढ़ाया सस्पेंस

BJP High Level Meeting Nagpur: नगर परिषद चुनावों में बड़ी जीत के बाद सीएम देवेंद्र फडणवीस अचानक केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के घर पहुंचे। यहां आगामी महानगरपालिकों के चुनाव को लेकर चर्चा हुई।

आकाश मसने

Devendra Fadnavis Nitin Gadkari Meeting: नगर परिषद चुनावों में मिली बड़ी सफलता के बीच, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ नागपुर में एक उच्च स्तरीय बैठक की। महायुति की हालिया जीत से उत्साहित भाजपा अब 2026 के नागपुर महानगर पालिका चुनाव और मुंबई सहित अन्य प्रमुख नगर निगमों में अपना परचम लहराने की तैयारी में है।

नागपुर में चुनावी बिसात और गडकरी का आह्वान

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के आवास पर जाकर भाजपा के प्रमुख नेताओं और पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है कि इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु 15 जनवरी, 2026 को होने वाले आगामी नागपुर महानगर पालिका (मनपा) चुनाव की तैयारियां थीं। इस बैठक में फडणवीस और गडकरी के साथ विधायक प्रवीण दटके, भाजपा नागपुर शहर इकाई के अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी और उपेंद्र कोठेकर जैसे वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए। इससे पहले गडकरी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुटता की अपील की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी किसी भी उम्मीदवार को टिकट दे, कार्यकर्ताओं को पूरी मजबूती से उसके पीछे खड़ा होना चाहिए ताकि नागपुर का अगला महापौर भाजपा से ही चुना जाए।

क्या बोले नितिन गडकरी?

इस मुलाकात को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट करते हुए लिखा कि नागपुर महानगरपालिका चुनाव को लेकर आज BJP नागपुर मेट्रोपॉलिटन सिटी कोर कमेटी की मीटिंग हुई। मीटिंग के बाद, पार्टी ने लोकल बॉडी चुनाव में पार्टी की बड़ी जीत के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फणवीस और नागपुर पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को बधाई दी।

पिछले चुनाव के आंकड़े और भाजपा का दबदबा

नागपुर में भाजपा का ट्रैक रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा है। पिछले मनपा चुनावों में भाजपा ने कुल 151 सीटों में से 108 सीटों पर भारी जीत दर्ज की थी। इसके मुकाबले कांग्रेस मात्र 28 सीटें और बहुजन समाज पार्टी 10 सीटें ही जीत सकी थी। वहीं, उस समय की अविभाजित शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को क्रमशः दो और एक सीट से संतोष करना पड़ा था। इसी दबदबे को 2026 में भी बनाए रखना पार्टी की प्राथमिकता है।

महायुति की प्रचंड जीत और आगामी लक्ष्य

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने हालिया चुनावी परिणामों पर खुशी जाहिर करते हुए दावा किया कि महायुति (भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की राकांपा) ने 288 में से 250 से अधिक परिषदों और नगर पंचायतों में जीत हासिल की है। विशेष रूप से भाजपा के उम्मीदवारों ने 236 में से 134 पार्षद पदों और 3,000 से अधिक सीटों पर विजय प्राप्त की है।

चव्हाण ने स्पष्ट किया कि अब पार्टी का सारा ध्यान मुंबई पर केंद्रित है। आगामी 15 जनवरी को मुंबई सहित 28 अन्य नगर निगमों के लिए स्थानीय निकाय चुनाव होने हैं, जिसकी मतगणना 16 जनवरी को की जाएगी। भाजपा इन चुनावों को आगामी विधानसभा और भविष्य के समीकरणों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मान रही है।

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