Nagpur Foreign Groom Fraud: विदेशी दूल्हा बनकर शादी का झांसा देने और कस्टम में सोना-डॉलर फंसने की कहानी गड़कर महिला से करीब 20 लाख रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया। पुलिस ने गिरोह के 7 सदस्यों गिरफ्तार किया है।
उनसे कार, दोपहिया वाहन, मोबाइल और नकद सहित 18.45 लाख रुपये का माल जब्त किया गया है। गिरोह नागपुर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठगी का नेटवर्क चला रहा था। आरोपियों के दुबई से हवाला कारोबार से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
पकड़े गए आरोपियों में जेयष अमृत ठाकुर (20), यशपाल आम सिंह चौहान (24), कुलदीप सिंह विक्रम जडेजा (26), राजेंद्र सिंह राणा वाघेला (34), नरपत बाबू सिंह (27), उपेंद्र नागजी जोशी (28) और भानु सिंह जसवंत सिंह वाघेला (29) का समावेश है। सभी आरोपी गुजरात के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं।
महिला को एक अनजान व्यक्ति का फोन आया। बातचीत के दौरान उसने महिला से पहचान बढ़ाई और विदेश में बड़ा कारोचार होने की जानकारी दी। उसने भारत आकर महिला से शादी कर यहीं सेटल होने की इच्छा जताई।
आरोपी ने खुद का सोने का कारोबार होने और ब्रिटेन में कपड़ों का मॉल होने की कहानी सुनाकर महिला को विश्वास में लिया। इसके बाद आरोपी ने बताया कि वह भारत आते समय 70 तोला सोना और 70,000 अमेरिकी डॉलर लेकर आया है। कुछ समय बाद उसने युवती को फोन कर बताया कि दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारियों ने उसे पकड़ लिया है।
सोना और डॉलर छुड़ाने के लिए 13.92 लाख रुपये जमा करने होंगे। आरोपी की बातों पर भरोसा कर महिला ने रकम ट्रांसफर कर दी। करीब 20 लाख रुपये ऐंठने के बाद भी आरोपी पैसे की डिमांड कर रहे थे जिससे महिला को संदेह हुआ।
नागपुर जिले से मामले की गंभीरता की साइबर पुलिस और यूनिट 3 की टीम ने तकनीकी विश्लेषण शुरू किया, पुलिस को आरोपियों के मोबाइल और लेन-देन से महत्वपूर्ण सुराग मिले, आरोपी शिकायतकर्ता को दोबारा अपने जाल में फंसाकर रकम ऐंठने की तैयारी में थे।
इसी दौरान पुलिस ने शिकायतकर्ता की मदद से जाल बिछाया और सातों आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ में आरोपियों द्वारा नागपुर से अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठगी का रैकेट चलाए जाने की प्राथमिक जानकारी सामने आई है।
पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस नेटवर्क के तार दुबई में संचालित हवाला कारोबार से जुड़े हैं या नहीं। आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल फोन और आर्थिक लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
सभी आरोपियों की मेडिकल जांच के बाद उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए गणेशपेठ पुलिस के हवाले किया गया, डीसीपी दीपक अग्रवाल और एसीपी वैभव जाधव के मार्गदर्शन में इंस्पेक्टर अतुल मोहनकर, पीएसआई अमोल देशमुख, मधुकर काठोके, विवेक झिंगरे और उनकी टीम ने यह कार्रवाई की।