पंकज भोयर और मनोज जरांगे (सौजन्य-नवभारत/IANS) 
नागपुर

CM फडणवीस ही टारगेट क्यों? आरक्षण पर गृह राज्य मंत्री भोयर ने दागा सवाल, बोले- जरांगे अड़ियल...

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में ओबीसी आरक्षण में हिस्सेदारी को लेकर माहौल गरमाया हुआ है। राज्य में आरक्षण को लेकर गृह राज्य मंत्री भोयर का बड़ा बयान सामने आया है, जिससे हलचल मच गई है।

प्रिया जैस

Nagpur News: मराठा आंदोलन जब-जब शुरू होता है तब-तब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ही टारगेट किये जाते हैं जबकि हकीकत यह है कि फडणवीस सरकार ने ही मराठा समाज को न्यायपूर्ण आरक्षण दिया, रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए महामंडल स्थापित किया। आरक्षण की संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करते हुए सकारात्मक पहल की। इस मुद्दे पर सरकार की उपसमिति कानूनी पहलुओं की समीक्षा कर रही है और विशेषज्ञों के साथ लगातार बैठकें कर रही है।

उन्होंने कहा कि ऐसे में ओबीसी समाज को डरने की जरूरत नहीं है। सरकार ओबीसी के साथ मजबूती से खड़ी है और उनका आरक्षण 1 प्रतिशत भी कम नहीं होगा। यह आश्वासन गृह राज्य मंत्री पंकज भोयर ने नागपुर में आयोजित प्रेस परिषद में दिया। इस दौरान विधायक समीर मेघे, प्रवीण दटके, प्रताप अडसड, कृष्णा खोपड़े, पूर्व सांसद रामदास तडस, सुनील मेंढे, पूर्व विधायक सुधाकर कोहले, संदीप जाधव आदि उपस्थित थे।

ओबीसी आरक्षण कम होने की आशंका

भोयर ने कहा कि बीते 4 दिनों से मुंबई में मराठा आंदोलन चल रहा है। इस कारण ओबीसी आरक्षण कम होने की आशंका जताई जा रही है लेकिन यह पूरी तरह निराधार है। उन्होंने कहा कि आंदोलन से आम जनता व नौकरीपेशा वर्ग को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कानून-व्यवस्था बिगड़े नहीं, इसलिए आंदोलन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही लेकिन अगर स्थिति बिगड़ेगी तो कार्रवाई संभव है।

मविआ टिका नहीं पायी आरक्षण

भोयर ने कहा कि 2014 में फडणवीस सरकार ने कई योजनाएं लागू कीं। मराठा को 10 प्रतिशत आरक्षण भी दिया लेकिन बाद में महाविकास आघाड़ी सरकार उसे बनाए रखने में विफल रही। वर्तमान सरकार ने ओबीसी और मराठा समाज के युवाओं के लिए योजनाएं शुरू कीं, रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए और ओबीसी के लिए अलग मंत्रालय स्थापित किया। विखे पाटिल की उपसमिति रोज़ बैठक कर रही है और शिष्टमंडलों से चर्चा चल रही है। इस प्रक्रिया से सकारात्मक निर्णय निकलने की आशा है।

जरांगे पाटिल की भूमिका अड़ियल

भोयर ने कहा कि आंदोलन की परिस्थिति देखते हुए समय-समय पर उसे बढ़ाया जा रहा है। मराठा समाज को संयम से काम लेना चाहिए। जरांगे पाटिल अड़ियल रवैया अपना रहे हैं और राजनीतिक लाभ के लिए सीएम फडणवीस पर व्यक्तिगत टिप्पणी कर रहे हैं जो उचित नहीं है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार ने मुंबई के होटलों व दुकानों को बंद करने का कोई आदेश नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि जरांगे आंदोलन को रसद कौन पहुंचा रहा है, यह सबको पता है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने भी इसका उल्लेख किया था। फिलहाल नाम उजागर नहीं किए गए हैं लेकिन सही समय आने पर उन्हें सार्वजनिक किया जाएगा।

फेक वीडियो शेयर कर फंसे सीनियर वकील प्रशांत भूषण! दिल्ली पुलिस ने भड़काऊ कंटेंट बताकर केस दर्ज किया

Cyclone Murasu पड़ा कमजोर, आंध्र-तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट; दिल्ली में छाएगी धुंध

करोड़ों की संपत्ति छोड़ देशसेवा में लगाया जीवन, जानिए महात्मा गांधी के 5वें पुत्र जमनालाल बजाज की कहानी

गुवाहाटी फायरिंग मामले में एनकाउंटर के बाद आरोपी ढेर! सब-इंस्पेक्टर की सर्विस पिस्तौल छीनने की हुई थी कोशिश

Shakuntala Devi: बिना कैलकुलेटर पलक झपकते करती थीं बड़ी गणनाएं, जानिए कैसे बनीं मानव कंप्यूटर