शीत सत्र से पहले सीएम फडणवीस (सौजन्य-नवभारत) 
नागपुर

5 ट्रिलियन इकोनॉमी में महाराष्ट्र...शीत सत्र से पहले CM फडणवीस का पलटवार, विपक्ष को दिया ऐसा जवाब

Maharashtra Economy: CM फडणवीस ने कहा कि आर्थिक स्थिति जटिल जरूर है पर राज्य कंगाल नहीं। किसानों की योजनाओं के लिए पर्याप्त निधि उपलब्ध, विपक्ष के आरोपों का किया खंडन।

प्रिया जैस

CM Devendra Fadnavis: नागपुर में विधानमंडल के शीत सत्र की पूर्व संध्या पर विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि भले ही राज्य की आर्थिक स्थिति पेचीदा हो किंतु किसानों को लाभ पहुंचाने तथा अन्य घोषणाओं को पूरा करने के लिए निधि का आवंटन हर हाल में किया जाएगा।। सरकार पर निशाना साधते समय विपक्ष ने कई गलतियां की हैं।

पहले तो महाविकास आघाड़ी के दलों में समन्वय नहीं दिखाई दिया। यहां तक कि सरकार को जो पत्र सौंपा जाना था उस पर हस्ताक्षर के लिए लोग नहीं मिल रहे थे। विशेष रूप से राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) से कोई भी नहीं था। पत्र-परिषद में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, चंद्रकांत पाटिल आदि उपस्थित थे।

2014 के बाद का देख लें विदर्भ

विरोधी दल की ओर से पृथक विदर्भ को लेकर कसे गए तंज का जवाब देते हुए फडणवीस ने कहा कि सर्वप्रथम विधायक विजय वड्डेटीवार ने वर्ष 2014 के पूर्व और वर्ष 2014 के बाद के विदर्भ का अध्ययन कर लेना चाहिए। सम्पूर्ण विदर्भ नहीं तो कम से कम उनके विधानसभा क्षेत्र के पास गड़चिरोली की स्थिति का जायजा लेना चाहिए। उसके बाद वे पृथक विदर्भ पर बात करना बंद कर देंगे। उन्होंने कहा कि विदर्भ में विशेष रूप से सिंचाई, सड़क और इन्फ्रास्ट्रक्चर में काफी काम हुआ है। राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह से विपक्ष राज्य की आर्थिक स्थिति खराब होने की अफवाह फैला रहा है वैसा कुछ नहीं है। निश्चित ही राज्य की आर्थिक स्थिति नाजुक है लेकिन राज्य कंगाल नहीं है। अन्य राज्यों की तुलना में राज्य की आर्थिक स्थिति सक्षम है।

योजनाओं के लिए पर्याप्त निधि

फडणवीस ने कहा कि राज्य की योजनाओं को लेकर अब तक हुई घोषणाएं पूरी करने के लिए राज्य के पास पर्याप्त निधि है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 92 प्रतिशत किसानों (90 लाख) को अब तक मदद पहुंचाई गई है।

आचार संहिता के कारण छोटा सत्र

केवल एक सप्ताह का शीत सत्र लिए जाने पर विपक्ष के प्रहार पर पलटवार करते हुए फडणवीस ने कहा कि राज्य में स्थानीय निकायों के चुनाव है जिसकी वजह से आचार संहिता में लंबा सत्र नहीं हो सकता है। यही कारण है कि कम दिनों के लिए सत्र है किंतु सीमित दिनों में भी विदर्भ और मराठवाड़ा जैसे पिछड़े क्षेत्र को न्याय देने का काम सदन के माध्यम से किया जाएगा।

विपक्ष नेता अब तक नहीं दिए जाने पर सरकार को विपक्ष द्वारा घेरने पर फडणवीस ने कहा कि यह अधिकार पूरी तरह से विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद के सभापति का है। इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है।

5 ट्रिलियन इकोनॉमी में महाराष्ट्र का भी हिस्सा

आर्थिक स्थिति को लेकर विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि देश की आर्थिक स्थिति अब 5 ट्रिलियन होने जा रही है। इसमें महाराष्ट्र भी हिस्सेदार है। योजनाओं के कारण राज्य पर आर्थिक बोझ भले ही हो लेकिन जो घोषणाएं हुई हैं उन्हें पूरा निश्चित ही किया जाएगा।

शीत सत्र में विशेष रूप से विदर्भ को न्याय मिलना चाहिए। विपक्ष को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि केवल विधानसभा की सीढ़ियों पर स्टंटबाजी नहीं बल्कि सदन के भीतर जनता के सवालों को उठाना चाहिए। सरकार से जनता को न्याय दिलाना चाहिए।

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