हिंद की चादर: विद्यार्थी पढेंगे गुरु तेग बहादुर का बलिदान, CM फडणवीस ने किया ऐलान, सरकार का बड़ा कदम

Guru Teg Bahadur Legacy: हिंद की चादर गुरु तेग बहादुर के बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की घोषणा सीएम फडणवीस ने की। नागपुर में आयोजित कार्यक्रम में गडकरी सहित कई नेता और साधु संत उपस्थित।
Guru Teg Bahadur Legacy: हिंद की चादर गुरु तेग बहादुर के बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की घोषणा सीएम फडणवीस ने की। नागपुर में आयोजित कार्यक्रम में गडकरी सहित कई नेता और साधु संत उपस्थित।
हिंद की चादर कार्यक्रम (सौजन्य-नवभारत)
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Hind Ki Chadar: मुगलों ने भारतीय संस्कृति, धर्म, विचारों और भाषा पर अत्याचार की हद पार कर दी थी। मुगलों ने भारतीय संस्कृति को ही खत्म करने की ठान ली थी। ऐसे मुश्किल समय में हिंद की चादर गुरु तेग बहादुर सिंह साहिब जी ढाल बनकर आगे आए। उन्होंने अपने बलिदान से कश्मीरी पंडितों की संस्कृति के साथ-साथ हिंदू धर्म के ताने-बाने को भी बनाए रखा।

हमारे धर्म की रक्षा और सहनशीलता के प्रतीक गुरु तेग बहादुर सिंह साहिब के बलिदान का यह शानदार इतिहास स्कूली छात्रों सहित सभी तक पहुंचाया जाएगा। यह बात महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कही। वे हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर साहिब की 350वीं शहीदी शताब्दी के मौके पर नारा में सुरेशचंद्र सूरी मैंदान में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय में विविधता है।

सिकलीगर समुदाय ने सिख समुदाय के लिए हथियार तैयार किए। बंजारा समुदाय ने गुरुओं के प्रति अपने कर्तव्य की भावना और सिख समुदाय के विचारों को जगाए रखा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पूरे समुदाय ने एक ओंकार सतनाम के सिद्धांत के अनुसार लंगर के माध्यम से समुदाय के मन में अनेकता में एकता का भाव जगाया है।

आने वाली पीढ़ियों को मिलेगी प्रेरणा

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इंसानियत, सच्चाई और धर्म की रक्षा के लिए गुरु तेग बहादुर साहिब का योगदान सभी जानते हैं। गुरु तेग बहादुर साहिब ने धर्म की रक्षा के ज़रिए भगवद गीता में कही बातों को सबके सामने रखा।उन्होंने अपने भाषण में याद दिलाया कि भगवान कृष्ण ने गीता में वादा किया था कि जब भी धर्म पर अधर्म हावी होगा या हमला होगा, तो वे दौड़कर आएंगे। करीब साढ़े तीन सौ साल पहले मुगलों ने धर्म और संस्कृति पर हमला किया था।

Guru Teg Bahadur Legacy: हिंद की चादर गुरु तेग बहादुर के बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की घोषणा सीएम फडणवीस ने की। नागपुर में आयोजित कार्यक्रम में गडकरी सहित कई नेता और साधु संत उपस्थित।
हिंद की चादर कार्यक्रम में सीएम फडणवीस और नितिन गडकरी (सौजन्य-नवभारत)

गुरु तेग बहादुर सिंह ने अपने बलिदान से इस हमले को नाकाम कर दिया। महाराष्ट्र सरकार ने इस बड़े आयोजन के ज़रिए इतिहास और इतिहास की इस अहम घटना को नई पीढ़ी तक पहुंचाया है। गुरु तेग बहादुर सिंह साहिब की प्रेरणा, काम और उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगी।

धर्म पर हमले को नाकाम किया

इस दौरान संत ज्ञानी हरनाम सिंह ने कहा कि एक ऐसा देश जो सभी तरह की सोच, अलग-अलग तरह के लोगों, धर्म, जाति और पंथ का आदर करता था, उस देश पर मुगलों ने हमला किया और बहुत ज़ुल्म किए। उन्होंने हिंदू धर्म में एकता को खत्म करने की कोशिश की। धर्म की रक्षा के लिए श्री गुरु तेग बहादुर साहिब को जो कुर्बानी देनी पड़ी, उसके लिए उनकी बहादुरी को सलाम करते हुए, मुगलों की क्रूरता को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि हर किसी का फ़र्ज़ है कि वह अपने धर्म को माने। पैसे, लालच और ज़बरदस्ती से मानने वाले बनाना किसी भी धर्म का हिस्सा नहीं है। हमें याद रखना चाहिए कि धर्म में ज़बरदस्ती की कोई सीमा नहीं है। महाराष्ट्र और पंजाब ने मुगलों के भारतीय संस्कृति और धर्म पर किए गए हमले को यहां नाकाम किया। यह सभी को याद रखना चाहिए।

धैर्य और अनुशासन का दिखा संगम

नागपुरियों ने आज हिंद की चादर समागम के मौके पर नारा में आयोजित कार्यक्रम में अभूतपूर्व प्रतिक्रिया के साथ अनुशासन का दर्शन कराया। कार्यक्रम स्थल पर अलग-अलग जगहों पर आयोजित पार्किंग स्लॉट सुबह ही भर गए थे। पुलिस ने स्थिति को ध्यान में रखते हुए, किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए व्यवस्थित प्लानिंग, सुरक्षा और मोबाइल वैन में लगे सीसीटीव्ही के ज़रिए किसी को चोट पहुंचाए बिना भीड़ को नियंत्रित करने में कामयाबी हासिल की।

पुलिस कमिश्नर रवींद्र कुमार सिंघल के गाइडेंस में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने सम्मानजनक व्यवहार से भीड़ को दिशा दी।लंगर का सिस्टम भी मजबूत था, इसलिए कुछ ही घंटों में करीब डेढ़ लाख लोग डिसिप्लिन में प्रसाद लेकर निकले।

इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, जल संपदा मंत्री गिरीश महाजन, अल्पसंख्यक विकास मंत्री माणिकराव कोकाटे, राज्यमंत्री माधुरी मिसाल, संत ज्ञानी हरनामसिंह, धर्मगुरु डॉ. बाबूसिंह महाराज, संत बाबा बलविंदरसिंह, बाबा सुखिंदरसिंह मान, रामसिंह महाराज, सुनील महाराज, क्षेत्रीय समिति के अध्यक्ष गुरमितसिंह खोकर, मनपा आयुक्त डॉ. अभिजित चौधरी, सीपी रवींद्र कुमार सिंगल, कलेक्टर डॉ. विपीन इटनकर के साथ अन्य लोग मौजूद थे।

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