Sanitation Worker Attempted Suicide: नागपुर में शासकीय दंत महाविद्यालय व अस्पताल में कार्यरत एक सफाई कर्मचारी ने सुसाइड नोट लिखकर अपने घर में आत्महत्या का प्रयास किया। गंभीर अवस्था में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल वेंटिलेटर पर रखा गया है। घटना के बाद से अस्पताल में हड़कंप मच गया है।
अजय मलिक की बतौर सफाई कर्मचारी नियुक्ति कोरोना काल से पहले ही हुई। कुछ दिनों तक अजय ने नियमित रूप से नौकरी की लेकिन बीच में अनुपस्थित रहा। बुधवार की सुबह अजय की पत्नी बच्चे को स्कूल छोड़ने के लिए गई। इसी दौरान उसने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। पत्नी जिस वाहन से बच्चे को छोड़ने जा रही थी, उसका पेट्रोल खत्म होने के कारण वह बीच रास्ते से ही लौट आई।
तभी अजय को देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। आसपास शोर मचाया। उसे तुरंत नीचे उतारकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। कार्यालयीन सूत्रों ने बताया कि वह सेवा में नियमित रूप से हाजिर नहीं था। दो दिन पहले सेवा में शामिल होने के लिए वह अस्पताल आया लेकिन उसे ज्वाइन नहीं किया गया था।
बताया गया कि उसने शासकीय दंत महाविद्यालय के प्रशासकीय अधिकारी से उसे ज्वाइन करने का आग्रह किया था लेकिन अधिकारी ने फाइल लेने से इनकार कर दिया। जिस वजह से वह परेशान था। नौकरी से हाथ धोने के डर से आत्महत्या का प्रयास किए जाने की चर्चा है। दिनभर चर्चा का माहौल होने के कारण घटना की जानकारी राज्य सफाई कर्मचारी आयोग तक पहुंची।
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आयोग ने मामले को गंभीरता से लिया है। अब गुरुवार को आयोग के अध्यक्ष सतीश डागोर जानकारी हासिल करेंगे। इस संबंध में अधिष्ठाता डॉ. मंगेश फडनाईक ने बताया कि महाविद्यालय के एक कर्मचारी द्वारा आत्महत्या का प्रयास करने की जानकारी मिली है। यह कर्मचारी कोरोना से पूर्व नियुक्त हुआ था लेकिन नियमित नहीं था। हमेशा गैर हाजिर रहता था। सुसाइड नोट के बारे में जानकारी नहीं है।