सिविल लाइंस लॉन्स, हाई कोर्ट, मनपा कार्रवाई, अवैध लॉन्स,(सोर्स: सोशल मीडिया)  
नागपुर

नागपुर के 12 लॉन्स- क्लब जांच के घेरे में, मनपा से मांगा विस्तृत हलफनामा; कार्रवाई तेज

Nagpur Civil Lines Lawns: सिविल लाइंस क्षेत्र में बिना अनुमति संचालित लॉन्स और क्लबों पर हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। मनपा को कार्रवाई की प्रगति पर विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का समय दिया गया है।

अंकिता पटेल

Nagpur NMC Action Marriage Lawns: नागपुर सिटी के सिविल लाइंस में संचालित हो रहे लॉन्स पर लगातार हाई कोर्ट का शिकंजा कसता जा रहा है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान मनपा की ओर से बताया गया कि हाई कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार लॉन्स के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने इस संदर्भ में विस्तृत हलफनामा दायर करने के लिए समय प्रदान कर सुनवाई स्थगित कर दी।

गत सुनवाई के दौरान मनपा द्वारा कोर्ट को बताया गया था कि शहर में 12 लॉन्स और क्लब बिना उचित अनुमति के संचालित होते पाए गए हैं जिन्हें नोटिस जारी कर दिए गए हैं। हाल ही में हुई एक बैठक की समीक्षा के बाद इन 12 अवैध या बिना अनुमति चल रहे लॉन्स क्लब की पहचान की गई है।

बिना अनुमति संचालित मैरिज लॉन्स पर मनपा की सख्ती, दस्तावेज मांगे

मनपा ने इन्हें नोटिस जारी कर सख्त निर्देश दिए हैं जिसके अनुसार संचालकों को 15 दिनों के भीतर नगर रचना विभाग को भवन निर्माण की मंजूरी का नक्शा, फायर एनओसी और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का प्रमाणपत्र सौंपने के आदेश दिए गए, दोनों पक्षों की दलीलों के बाद अदालत ने गत समय राज्य सरकार के सरकारी वकील को भी पिछले आदेशों के अनुपालन की दिशा में उठाए गए कदमों पर निर्देश प्राप्त करने को कहा था। गत सुनवाई के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि सिविल लाइंस इलाके में संचालित किसी भी मैरिज लॉन के पास विवाह समारोह या ऐसे अन्य आयोजनों को करने की वैध अनुमति नहीं है। अदालत ने बिना अनुमति वाले स्ट्रक्चर को गिराने और लॉन्स मालिकों को नोटिस जारी करने के सख्त निर्देश दिए थे। मनपा आयुक्त को इस मामले में आदेश पारित करने और आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।

डीजे और पटाखों पर इस तरह हैं नई शर्तें

पटाखे और ढोल-नगाड़ों पर पूर्ण प्रतिबंध: लॉन के अंदर या बाहर कहीं भी पटाखे फोड़ने, ढोल बजाने या शोर शराबा करने की सख्त मनाही होगी।

लाउडस्पीकर के लिए स्पष्टीकरण: लाउडस्पीकर या साउंड सिस्टम की अनुमति मांगने वाले आवेदकों को स्पष्ट कारण बताना होगा कि उन्हें इसकी आवश्यकता क्यों है।

डेसिबल सीमा का पालन: आयोजकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि ध्वनि का स्तर तय सीमा (परमिसिबल डेसिबल लिमिट) से अधिक न हो। इन नियमों का उल्लंघन करने पर आयोजन की अनुमति तुरंत रद्द कर दी जाएगी।

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