Nagpur Barrier Free Transport: नागपुर सिटी बस में विकलांगों के लिए व्यवस्था को लेकर हाई कोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों के अनुसार अब मनपा के परिवहन विभाग ने परिवहन व्यवस्थापक के रूप में अति। आयुक्त मिलिंद मेश्राम के जरिए शपथपत्र दिया है जिसमें दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों और शारीरिक रूप से कमजोर लोगों के लिए सार्वजनिक परिवहन को बाधारहित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाए जाने का दावा किया गया।
मनपा ने हाई कोर्ट को आश्वासन दिया है कि शहर के सभी बस स्टॉप को चरणबद्ध तरीके से दिव्यांगों के अनुकूल बनाया जाएगा और इसके लिए 3 महीने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की 'एक्सेसिबिलिटी गाइडलाइंस 2022' के दिशा निर्देशों के अनुसार परिवहन विभाग के कार्यकारी अभियंता द्वारा शहर के कुल 237 बस स्टॉप का सर्वेक्षण किया गया है।
मनपा ने अदालत को बताया है कि अगले 3 महीनों के भीतर इन बस स्टॉप पर कई आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनमें विशेष रूप से दिव्यांगों के लिए रैंप, हैंडरेल्स, टैक्टाइल पथ, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था (रोशनी), बस स्टॉप पर सूचना बोर्ड और अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग चिह्नों (साइन बोर्ड) की स्थापना शामिल है। सार्वजनिक परिवहन को और अधिक सुलभ और आधुनिक बनाने के लिए 'प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना' के तहत शहर के लिए 150 विशेष ई-बसें मंजूर की गई हैं।
इन सभी बसों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें व्हीलचेयर का उपयोग करने वाले दिव्यांग यात्रियों के लिए 'हाइड्रोलिक रैंप' या 'लिफ्ट' की सुविधा उपलब्ध है। मनपा ने न्यायालय को जानकारी दी है कि फिलहाल सिटी के नियमित मार्गों पर 75 ई-बसें दौड़ रही हैं, जबकि शेष 75 बसें भी जल्द ही परिवहन बेड़े में शामिल की जाएंगी।
भविष्य की योजनाओं को लेकर नागपुर मनपा ने स्पष्ट किया है कि शहर में आगे बनने वाले सभी नए बस स्टॉप पूरी तरह से 'एक्सेसिबिलिटी गाइडलाइंस-2022' के मानकों के अनुसार ही विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा प्रशासन द्वारा शहर के सभी फुटपाथों का भी निरीक्षण किया जाएगा और उन्हें दिव्यांगों के लिए अधिक सुलभ और सुरक्षित बनाने की दिशा में उचित कार्यवाही की जाएगी।
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