नागपुर NMC महासभा: अमृत-2 में धांधली व 12 जोन का प्रस्ताव; नेता संजय महाकालकर का सत्ता पक्ष पर तीखा हमला

Nagpur Municipal Corporation: नागपुर मनपा की आम सभा में 12 जोन प्रस्ताव, जमीन आवंटन और अमृत-2 योजना में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष के हंगामे के आसार हैं।
Nagpur NMC General Body Meeting: Irregularities in AMRUT-2 and proposal regarding 12 zones; Leader Sanjay Mahakalkar launches a scathing attack on the ruling party.
नागपुर मनपा अमृत-2 योजना,(सोर्स- सोशल मीडिया)
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NMC General Body Meeting: नागपुर महानगरपालिका में भले ही विपक्ष का संख्याबल कम हो लेकिन मंगलवार को होने जा रही आम सभा में रखे जा रहे विषय काफी विवादित होने का हवाला देते हुए अब सदन में ही सत्ता पक्ष को घेरने का मानस विपक्ष की ओर से जताया गया जिससे मंगलवार को होने वाली आम सभा में हंगामे के आसार होने की जानकारी सूत्रों ने दी।

विपक्ष की मानें तो मनपा में बहुमत तथा 10 जोन में से 8 में सभापति होने के बावजूद गत समय सत्ता पक्ष की ओर से जोन की पुनः रचना का प्रस्ताव लाया गया था जिसके खिलाफ आक्रोश जताए जाने के बाद इसे वापस लिया गया।

मनपा महासभा में 12 जोन और अमृत-2 पर हंगामे के आसार

इसी तरह से मंगलवार को होने जा रही मनपा की सभा में अब प्रशासकीय सुधार का हवाला देते हुए 10 के बदले 12 जोन करने का प्रश्न सत्ता पक्ष के वरिष्ठ पार्षद द्वारा दिया गया है जिसमें राजनीतिक षड्यंत्र होने की संभावना विपक्ष की ओर से जताई गई है।

इसी तरह से जाटतरोडी में आइसोलेशन अस्पताल की जमीन में से कुछ हिस्सा भाजपा नेता की संस्था को आवंटित करने का प्रस्ताव रखा जाना है जिसका कड़ा विरोध करने की रणनीति विपक्ष की ओर से बनाई गई है। फर्जी नक्शों के कारण खोदी जा रही नई सड़कें शहर में 'अमृत-2' योजना के तहत चल रहे सीवेजलाइन के काम में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मामला उजागर हुआ।

विपक्ष के नेता संजय महाकालकर ने यह गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा के लिए 2 से 3 बार लिखित पत्र देने के बावजूद सत्ता पक्ष ने जानबूझकर इसे महासभा की बैठक में चर्चा के लिए नहीं रखा जिसे लेकर सदन में हंगामा होने से इनकार नहीं किया जा सकता है।

सलाहकार कंपनी की बड़ी लापरवाही

महाकालकर के अनुसार अमृत-2 योजना के कार्यों के लिए नागपुर महानगरपालिका ने 'डीआरए' नामक एक सलाहकार कंपनी को नियुक्त किया था। आरोप है कि संबंधित कंपनी ने कार्यस्थल का प्रत्यक्ष निरीक्षण किए बिना ही मनपा को गलत और वास्तविकता से परे (फर्जी) नक्शे सौंप दिए।

मनपा प्रशासन ने भी इन नक्शों की बिना कोई जांच-पड़ताल किए काम को मंजूरी दे दी जिसके परिणामस्वरूप हाल ही में बनाई गई नई सीमेंट और डामर की सड़कों को फिर से खोदने की नौबत आ गई है। प्रशासन की इस बड़ी चूक के कारण आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

घटिया निर्माण और बढ़ रहे हादसे

विपक्ष नेता ने काम की गुणवत्ता को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों द्वारा अत्यंत घटिया स्तर का काम किया जा रहा है जिसकी बार-बार शिकायते होने के बावजूद प्रशासन पूरी तरह से अनदेखी कर रहा है।

इसके अलावा खुदाई के बाद सड़कों की ठीक से मरम्मत नहीं की जा रही है और उन्हें पूर्ववत नहीं किया जा रहा है जिसके कारण शहर में सड़क हादसों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है, महाकालकर का कहना है कि इन सभी गंभीर मुद्दों पर महासभा में विस्तार से चर्चा होना बेहद जरूरी था लेकिन सत्ताधारी दल किसी भी तरह की चर्चा से भाग रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के इस रवैये से साफ है कि वे लापरवाह अधिकारियों और ठेकेदारों का बचाव कर रहे है। महासभा में शहर के आम जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देने के बजाय केवल राजनीतिक नेताओं से जुड़े विषयों को ही आगे बढ़ाकर पास किया जा रहा है।

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