महाराष्ट्र में CET परीक्षा साल में दो बार आयोजित करने का दायरा बढ़ाने की तैयारी है।
इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट के बाद अन्य पाठ्यक्रमों को भी इस व्यवस्था में शामिल करने की योजना बताई गई है।
विधि और B.Ed. जैसे पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को भी दोबारा परीक्षा देने का अवसर मिल सकता है।
CET सेल परीक्षा केंद्रों, संचालन के नियमों और मूल्यांकन व्यवस्था पर नई कार्यप्रणाली तैयार कर रहा है।
Maharashtra CET New Exam Pattern: नागपुर जिला में अभियांत्रिकी और मैनेजमेंट के बाद अब महाराष्ट्र में प्रवेश पाने वाले सभी कोर्सेस के लिए वर्ष में 2 बार सीईटी परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को अपने स्कोर में सुधार करने का एक और मौका देना है।
पिछले वर्ष इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट इन प्रमुख कोर्सेस के लिए 2 बार सीईटी परीक्षा आयोजित की गई थी जिससे राज्य के 14 लाख से अधिक छात्रों को फायदा हुआ था। इसी सफलता को ध्यान में रखते हुए अब अन्य सभी कोर्सेस के लिए भी इस नियम को लागू किया जा रहा है।
व्यावसायिक और तकनीकी कोर्सेस के अलावा उच्च शिक्षा के अन्य पाठ्यक्रम जैसे विधि और बीएड के लिए भी अब वर्ष में 2 बार सीईटी परीक्षाएं होंगी, इससे यदि कोई छात्र पहली परीक्षा के बाद अपने अकों में सुधार करना चाहता है तो उसे दूसरा मौका आसानी से मिल जाएगा।
सीईटी परीक्षाओं के सुचारु संचालन को लेकर सीईटी सेल द्वारा एक नई कार्यप्रणाली तैयार की जा रही है। अगले 15 दिनों में यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
इसमें परीक्षा केंद्र, परीक्षा आयोजित करने का तरीका, नियम और उत्तर पुस्तिकाएं जांचने की पूरी व्यवस्था शामिल होगी।
इसके अलावा इस दौरान डॉ. बाबासाहब आंबेडकर टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी का चयन आईबीएम क्वांटम' के प्रोजेक्ट के लिए होने की बात भी सामने आई है जिससे विश्वविद्यालय ने वैश्विक स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
नागपुर जिला में अभियांत्रिकी और मैनेजमेंट के बाद अब महाराष्ट्र में प्रवेश पाने वाले सभी कोर्सेस शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस महत्वपूर्ण बदलाव से विद्यार्थियों पर परीक्षा का मानसिक दबाव काफी हद तक कम होगा।
अब छात्र बिना किसी अतिरिक्त तनाव के अपने शैक्षणिक प्रदर्शन को बेहतर बना सकेंगे और तकनीकी तथा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उज्ज्वल भविष्य की ओर आत्मविश्वास के साथ कदम बढ़ा पाएंगे।