नागपुर रेलवे, टिकट बुकिंग,(सोर्स: सोशल मीडिया) 
नागपुर

रेलवे का महाअजूबा? जितने टिकट बुक हुए, उतने ही हो गए कैंसिल; RTI के आंकड़ों से नागपुर रेल मंडल पर उठे सवाल

Nagpur Railway Ticket Booking: नागपुर मंडल की आरटीआई जानकारी में टिकट बुकिंग और कैंसिलेशन के आंकड़े व राजस्व समान बताए गए हैं। रिकॉर्ड की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं।

अंकिता पटेल

Nagpur Railway Ticket Cancellation: नागपुर मध्य रेल, नागपुर मंडल के वाणिज्य विभाग द्वारा सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत दी गई जानकारी ने रेलवे के रिकॉर्ड और आंकड़ों की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। विभाग ने जितनी टिकटों की बुकिंग और उससे प्राप्त राजस्व बताया है, ठीक उतनी ही टिकटों के कैंसिल होने और उससे प्राप्त राजस्व का भी आंकड़ा दिया है।

अब सवाल उठ रहा है कि अगर सभी टिकटें रद्द हो गई, तो आखिर यात्रा किसने की ? संभवतः यह गलती टाइप एंड एरर हो, लेकिन आरटीआई के तहत ऐसी गलती रेलवे की छवि खराब करने वाली है।

बुकिंग-कैंसिलेशन के आंकड़े एक जैसे

आरटीआई एक्टीविस्ट अभय कोलारकर द्वारा मांगी गई जानकारी के अनुसार, 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 के बीच नागपुर मंडल से कुल 88,38,969 यात्रियों ने रेलवे आरक्षण कराया और इससे रेलवे 5,94,00,19,152 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। अगले ही कॉलम में टिकट को कैंसिलेशन के आंकड़ों में भी यही संख्या और राजस्व दर्शाया गया है।

यानी विभाग के अनुसार, जितनी टिकटें बुक हुई, उतनी ही रद्द भी हो गई और राजस्व भी समान रहा। इसी तरह 1 जनवरी 2026 से 31 मई 2026 तक के लिए भी 36,93,17 यात्रियों द्वारा आरक्षण और 2,55,12,35,495 रुपये का राजस्व दर्शाया गया है। टिकट निरस्तीकरण के कॉलम में भी यही आंकड़े दोबारा लिख दिए गए हैं।

2.56 करोड़ ने की नागपुर से यात्रा शुरू

वहीं वर्ष 2025 में नागपुर मंडल से यात्रा शुरू करने वाले यात्रियों की संख्या 2.56 करोड़ रही, जिससे 731.78 करोड़ की आय दर्ज की गई, वहीं 1 जनवरी से 31 मई 2026 के बीच 1.12 करोड़ यात्रियों ने यात्रा की और इससे 326.74 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि आरटीआई के तहत उपलब्ध कराई जाने वाली जानकारी प्रमाणित और तथ्यात्मक होनी चाहिए। यह भी संभव है कि टिकट निरस्तीकरण के कॉलम में गलती से बुकिंग के आंकड़े दोबारा दर्ज कर दिए गए हों। यदि ऐसा है, तो यह साधारण टंकण त्रुटि नहीं बल्कि गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानी जाएगी।

वंदे भारत बरसा रही धन

ट्रेन संख्या 1 जनवरी–31 दिसंबर 2025यात्री 2025राजस्व (₹) 1 जनवरी–31 मई 2026यात्री 2026राजस्व (₹)
20101 1,43,196 14,98,87,798 69,391 7,03,63,165
20826 1,85,746 15,29,62,441 92,625 7,82,63,920
20912 1,93,839 22,05,08,264 1,11,478 12,71,63,549
26102 89,028 12,30,50,271 1,01,081 14,07,69,380

बेटिकट यात्रियों पर भी एक्शन तेज

मंडल के तहत स्टेशन परिसरों और ट्रेनों में जारी टिकट जांच अभियान तेजी से जारी है। आरटीआई के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार, 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 के बीच बेटिकट के 3,35,197 मामले सामने आये जिससे 24,49,24,668 रुपये का रिकॉर्ड जुर्माना वसूला गया। इनमें बेटिकट यात्रियों के अलावा अनियमित यात्रा और बिना बुकिंग के लगेज ले जाने वाले यात्री भी शामिल हैं।

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