Nagpur Butibori Steel Company: एमआईडीसी बूटीबोरी स्थित शारदा श्री इस्पात लिमिटेड मैंग में गुरुवार को हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। कथित तौर पर 18 वर्ष से कम उम्र के एक नाबालिग ने चाकू से हमला कर करीब 18 वर्षीय कामगार राजीव कुमार साहनी की हत्या कर दी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद कंपनी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और दावों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि आरोपी नाबालिग कंपनी का कर्मचारी नहीं था, जैसा कि कंपनी का कहना है, तो फिर वह चाकू लेकर कंपनी के भीतर कैसे पहुंचा ? क्या परिसर में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर कोई निगरानी नहीं थी या सुरक्षा व्यवस्था में कोई बड़ी चूक हुई ?
सूत्रों के अनुसार, मृतक राजीव कुमार साहनी और कथित नाबालिग के बीच पहले से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि काम के दौरान दोनों के बीच पुराना विवाद और गहरा गया। इसी तनातनी ने कथित तौर पर हिंसक रूप ले लिया और नाबालिग ने चाकू से राजीव पर हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल राजीव की उपचार के दौरान मौत हो गई।
हालांकि, विवाद की वास्तविक वजह, हमले का पूरा घटनाक्रम और वारदात में इस्तेमाल चाकू लेकर आरोपी परिसर में कैसे पहुंचा, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
घटना के बाद शारदा श्री इस्पात कंपनी की ओर से पता चला है कि हमला करने वाला नाबालिग उनके यहां काम नहीं करता था। कंपनी के इस दावे ने मामले को और पेचीदा बना दिया है। यदि आरोपी का कंपनी से कोई संबंध नहीं था, तो वह परिसर के भीतर किसके संपर्क से पहुंचा ? क्या उसे किसी कामगार ने अंदर बुलाया था ? क्या मुख्य प्रवेश द्वार पर उसकी जांच की गई थी? क्या सुरक्षा कर्मियों ने उसके पास मौजूद चाकू पर ध्यान नहीं दिया? ये सवाल अब कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति परखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गए हैं।
एक औद्योगिक इकाई में जहां भारी मशीनें, धातु प्रसंस्करण और जोखिमपूर्ण कार्य होते हैं, वहां बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही पर नियंत्रण और परिसर की सुरक्षा अनिवार्य मानी जाती है। ऐसे में कंपनी के भीतर चाकू से हुए हमले ने प्रवेश व्यवस्था, सुरक्षा जांच और आपातकालीन प्रतिक्रिया को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। कंपनी का यह कहना कि आरोपी उसका कर्मचारी नहीं था, अपने आप में सुरक्षा संबंधी सवालों का जवाब नहीं है। आखिर वह अंदर पहुंचा कैसे और घटना को रोकने के लिए क्या इंतजाम थे, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने आना जरूरी है।
सूत्रों का कहना है कि राजीव कुमार साहनी और कथित नाबालिग के बीच पहले से विवाद था। दोनों के बीच काम के दौरान कहासुनी और तनाव बढ़ने की बात भी सामने आई है। आशंका जताई जा रही है कि पुरानी रंजिश के चलते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। हालांकि, यह विवाद किस बात को लेकर था, क्या दोनों के बीच पहले भी झगड़ा हुआ था और क्या किसी ने इसकी जानकारी प्रबंधन या सुरक्षा विभाग को दी थी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
यदि दोनों के बीच पहले से तनाव था, तो यह भी जांच का विषय है कि कंपनी परिसर में विवाद की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कोई व्यवस्था थी या नहीं। क्या घटना से पहले दोनों के बीच कहासुनी हुई थी? क्या आसपास मौजूद कामगारों ने विवाद को बढ़ते देखा था? क्या किसी ने हस्तक्षेप करने का प्रयास किया? इन सवालों के जवाब प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटनास्थल पर मौजूद लोगों से पूछताछ के बाद ही मिल सकते हैं।