नागपुर में 5 नवंबर 2026 को BJP की पदयात्रा निकाली जाएगी।
CM देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी करेंगे नेतृत्व।
यात्रा शाम 4 बजे यशवंत स्टेडियम से शुरू होगी।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 15 से 20 हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने BJP के अभियान की मंशा पर सवाल उठाए हैं।
Loktantra Bachao Arajakta Hatao Rally In Nagpur: महाराष्ट्र के नागपुर में लोकतंत्र और संविधान को लेकर सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से 5 नवंबर 2026 को लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान के तहत पदयात्रा निकाली जाएगी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी इस पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे।
BJP नेता और महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर लोगों से पदयात्रा में शामिल होने की अपील की है। उनके मुताबिक, पदयात्रा गुरुवार दोपहर 4 बजे यशवंत स्टेडियम से शुरू होगी।
बीजेपी का कहना है कि विपक्षी दल लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैला रहे हैं। इसी के जवाब में पार्टी देशभर में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान चला रही है।
पार्टी के मुताबिक, इस अभियान के जरिए चुनावी निष्पक्षता, पात्र नागरिकों के मतदान के अधिकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति लोगों का भरोसा मजबूत करने का संदेश दिया जाएगा।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नागपुर की पदयात्रा में करीब 15 हजार से 20 हजार लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई गई है।
BJP के इस अभियान को लेकर कांग्रेस ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने BJP और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर ही लोकतंत्र और संविधान के विरोधी होने का आरोप लगाया है।
सपकाल का कहना है कि BJP का लोकतंत्र और संविधान बचाने का अभियान राजनीतिक विरोधाभास को दर्शाता है। उन्होंने सत्तारूढ़ दल के संविधान संबंधी दावों पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस का आरोप है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब देने के बजाय बीजेपी राजनीतिक अभियान चला रही है।
नागपुर जिले में होने वाली इस पदयात्रा के जरिए BJP विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की कोशिश करेगी। वहीं कांग्रेस पहले ही इस अभियान की मंशा पर सवाल उठा चुकी है।
ऐसे में राजनीतिक रूप से अहम नागपुर में दोनों दलों के बीच लोकतंत्र और संविधान को लेकर बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
अब देखना होगा कि BJP की इस पदयात्रा को जनता का कितना समर्थन मिलता है और विपक्ष इस अभियान पर आगे क्या प्रतिक्रिया देता है।